बहस ही नहीं तो किस मुद्दे पर बोलेंगे पीएम? कांग्रेस ने क्यों कही ये बात

नई दिल्ली : कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपना भाषण पूरा नहीं करने दिया गया और पूरी चर्चा नहीं हुई तो फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब देने का कोई अर्थ नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई पार्टी के प्रमुख नेताओं की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

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बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “पिछले तीन दिनों से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है और वह अपना भाषण पूरा नहीं कर पाए हैं।” रमेश ने कहा कि “उन्हें जानबूझकर रोका जा रहा है क्योंकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बेहद अहम और संवेदनशील मुद्दे उठा रहे हैं।”

मीटिंग के बाद तय होगी आगे की रणनीति

रमेश ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों के सदन के नेताओं की संसद भवन स्थित खरगे के कक्ष में बैठक होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा, “जिस तरह से नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है, हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। भाजपा सांसदों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के खिलाफ अपमानजनक बातें कही गई हैं, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। हम उनके खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं।”

बहस ही नहीं तो किस मुद्दे पर बोलेंगे पीएम

उनका कहना था कि असली मुद्दा यही है कि राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा। रमेश ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का प्रधानमंत्री के जवाब देने की संभावना को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री तभी बोलेंगे जब नेता प्रतिपक्ष बोलेंगे। उन्होंने कहा, “अगर नेता प्रतिपक्ष नहीं बोलते तो चर्चा का क्या मतलब है? प्रधानमंत्री बहस का जवाब देते हैं। अगर बहस ही नहीं हुई तो प्रधानमंत्री किस बात पर बोलेंगे?”

‘पीएम फिर देंगे चुनावी भाषण’

उन्होंने आगे कहा, “हमें पता है कि प्रधानमंत्री चुनावी भाषण देंगे। पिछले 11 वर्षों से वे यही कर रहे हैं , कांग्रेस, नेहरू और कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करना। लेकिन चर्चा की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष करते हैं, जिन्हें बोलने नहीं दिया गया।” रमेश ने कहा कि राहुल गांधी राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रधानमंत्री द्वारा जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने जैसे बुनियादी सवाल उठा रहे हैं और इसके लिए वे विश्वसनीय स्रोतों का हवाला दे रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें अपना भाषण पूरा करने नहीं दिया जा रहा।

उन्होंने कहा, “जब चर्चा ही पूरी नहीं हुई तो प्रधानमंत्री क्या जवाब देंगे? क्या प्रधानमंत्री अपने ही भाषण का जवाब देंगे?” खरगे के आवास पर हुई बैठक में जयराम रमेश, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, प्रमोद तिवारी और मणिकम टैगोर सहित कई नेता शामिल हुए।

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