हो रहा इस्तेमाल… बिना नाम लिए मैक्रों ने अमेरिका पर साधा निशाना

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this screengrab from a video posted on Feb. 19, 2026, France President Emmanuel Macron addresses the gathering during the India AI Impact Summit 2026, in New Delhi. (@NarendraModi/Yt via PTI Photo)(PTI02_19_2026_000036B)

नई दिल्ली। एआई इम्पैक्ट समिट के उद्घाटन सत्र में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने परोक्ष रूप से अमेरिका और वहां की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनियों पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र के साथ मंच साझा करते हुए मैक्रों ने कहा कि कुछ बड़ी टेक कंपनियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करती हैं, लेकिन “फ्री स्पीच पूरी तरह बकवास है, यदि लोगों को यह ही नहीं पता कि उनके डाटा और व्यवहार का किस तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।”

Advertisement

फ्रांस अभी 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को नियंत्रण करने की प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया है। मैक्रों ने भारत से भी ऐसा करने का सुझाव दिया। मैक्रों की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब एआई के क्षेत्र में शक्ति कुछ चुनिंदा वैश्विक कंपनियों के हाथों केंद्रित होने को लेकर चिंता बढ़ रही है।

एआई का भविष्य कुछ अरबपतियों की मर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता- मैक्रों

उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि एआई का भविष्य “कुछ देशों या कुछ अरबपतियों की मर्जी” पर नहीं छोड़ा जा सकता। यह बयान अमेरिकी टेक उद्योग और वहां की ‘लैसेज-फेयर’ नियामक सोच की ओर इशारा माना जा रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति के इस बयान को हाल ही में उच्च प्रौद्योगिकी की कंपनियों की तरफ से दूसरे देशों के लोगों के डाटा का इस्तेमाल किये जाने को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ रहे वाद से जोड़ कर देखा जा रहा है।

‘भारत-फ्रांस मिलकर संप्रभु एआई की अवधारणा को आगे बढ़ाएंगे’

मैक्रों ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत और फ्रांस मिलकर “संप्रभु एआई” की अवधारणा को आगे बढ़ाएंगे, जहां प्रौद्योगिकी के साथ जिम्मेदारी और तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन हो। उन्होंने कहा, “आइए हम बांटने के बजाय जोड़ने, नष्ट करने के बजाय सृजन करने और छीनने के बजाय साझा करने पर ध्यान दें।”

मैक्रों ने डिजिटल दुरुपयोग और अनियंत्रित एआई के खतरों पर चिंता जताई

फ्रांस इस समय जी-7 देशों के संगठन की अध्यक्षता कर रहा है और अभी एआई एक बड़ा विषय बना हुआ है। बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए मैक्रों ने डिजिटल दुरुपयोग और अनियंत्रित एआई के खतरों पर चिंता जताई। उन्होंने घोषणा की कि फ्रांस 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल नेटवर्क पर प्रतिबंध की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि भारत भी इस पहल में शामिल होगा तो यह “बेहद सकारात्मक कदम” होगा।

मैक्रों ने भारत की डिजिटल उपलब्धियों की सराहना की

भारत के साथ साझेदारी का उनका आह्वान यह संकेत देता है कि यूरोप इस विषय में विकासशील देशों को लेकर चलना चाहता है। मैक्रों ने भारत की डिजिटल उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि एक दशक पहले जहां मुंबई का एक रेहड़ी विक्रेता बैंक खाता नहीं खोल सकता था, वहीं आज वही व्यक्ति मोबाइल से तुरंत भुगतान स्वीकार कर रहा है।

उन्होंने भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली और प्रतिमाह अरबों लेनदेन संभालने वाली भुगतान व्यवस्था को “सभ्यता की कहानी” बताया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेर्रस ने भी अपने संबोधन में कहा कि “कोई भी बच्चा अनियंत्रित एआई का प्रयोगशाला विषय नहीं बनना चाहिए” और एआई सबके लिए होना चाहिए, न कि कुछ शक्तिशाली संस्थाओं तक सीमित।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here