ट्रम्प मिडिल ईस्ट में 2,000 पैराट्रूपर्स भेजेंगे

ट्रम्प की सरकार ने मिडिल ईस्ट में करीब 2,000 पैराट्रूपर्स (पैराशूट से उतरने वाले सैनिक) भेजने का फैसला किया है रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी सैनिक 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से हैं, जो बहुत जल्दी किसी भी जगह पर कार्रवाई करने के लिए जानी जाती है।

Advertisement

कहा जा रहा है कि इन सैनिकों को भेजने का मकसद ट्रम्प के पास और ज्यादा सैन्य विकल्प रखना है। यानी अगर जरूरत पड़ी, तो ईरान या उसके आसपास के इलाकों में जमीनी हमला भी किया जा सकता है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब एक तरफ अमेरिका ईरान से बातचीत की कोशिश कर रहा है, और दूसरी तरफ अपनी सैन्य ताकत भी बढ़ा रहा है।

अमेरिका के डिफेंस एक्सपर्ट और व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार रॉबर्ट पेप ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के चारों ओर जाल कसता जा रहा है। ट्रम्प ईरान के साथ बढ़ते तनाव में ऐसे हालात में फंस सकते हैं, जहां युद्ध धीरे-धीरे और बड़ा होता चला जाता है। रॉबर्ट पेप ने भारतीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि शुरुआत में छोटे-छोटे हमले किए जाते हैं, लेकिन जब उनसे बड़ा टागरेट हासिल नहीं होता, तो हमले और बढ़ा दिए जाते हैं। इसी को ‘एस्केलेशन ट्रैप’ कहा जाता है, यानी ऐसा जाल जिसमें फंसकर युद्ध लगातार बढ़ता जाता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्ध बढ़ा, होर्मुज स्ट्रेट पर असर पड़ सकता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। इससे तेल महंगा हो सकता है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। पेप के मुताबिक, इस स्थिति में ईरान मजबूत हो सकता है और तेल पर ज्यादा कंट्रोल हासिल कर सकता है। हालात संभालने के लिए इजराइल की सैन्य कार्रवाई को कंट्रोल करना जरूरी है और यह फैसला ट्रम्प ही ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका के मरीन सैनिक ईरान पहुंच जाते हैं, तो हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। अभी ट्रम्प ने हमले कुछ दिनों के लिए कम किए हैं, लेकिन यह सिर्फ समय लेने का तरीका हो सकता है। पेप ने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाता, तब तक यह नहीं कहा जा सकता कि तनाव कम हो रहा है।

अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में ईरान जंग रोकने के लिए लाया गया प्रस्ताव गिर गया। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से लाए गए इस प्रस्ताव के पक्ष में 47 जबकि विपक्ष में 53 वोट पड़े।

यह तीसरी बार था जब डेमोक्रेट्स ने ऐसा प्रस्ताव रखा था। उनका कहना है कि अमेरिका में युद्ध शुरू करने का अधिकार कांग्रेस के पास होता है, इसलिए ट्रम्प बिना पूरी मंजूरी के यह कदम नहीं उठा सकते। इसी वजह से वे लगातार ऐसे प्रस्ताव ला रहे हैं, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

डेमोक्रेट्स ने यह भी आरोप लगाया है कि ट्रम्प सरकार इस युद्ध को ठीक से समझा नहीं पा रही है। सांसद क्रिस मर्फी ने कहा कि सरकार अब तक यह नहीं बता पाई है कि युद्ध क्यों जरूरी है।

डेमोक्रेट्स ने साफ कर दिया है कि वे इस मुद्दे को यहीं नहीं छोड़ेंगे और हर हफ्ते इस पर वोटिंग कराते रहेंगे, जब तक सरकार आकर अपनी बात साफ नहीं करती।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here