पुतिन In, जिनपिंग-पेजेशकियन In-Waiting, किन-किन नेताओं का जमावड़ा?

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर तैयारियां अपने चरम पर हैं। इस बार का यह महासम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा मार्गों में बाधाएं जैसी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।

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चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के युवराज मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग समेत कई शीर्ष नेता शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

पुतिन और मोदी के बीच विभिन्न मुद्दों पर शुक्रवार दोपहर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होने का कार्यक्रम है। बैठक में रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, औषधि और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है।

नयी दिल्ली में जुटे दुनिया के दिग्गज नेता

भारत की मेजबानी में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के नए और पुराने सदस्य देशों के राष्ट्रध्यक्षों का एक बड़ा जमावड़ा देखने को मिल रहा है:

शी चिनफिंग – राष्ट्रपति, चीन

मसूद पेजेश्कियान – राष्ट्रपति, ईरान

सिरिल रामाफोसा – राष्ट्रपति, दक्षिण अफ्रीका

प्रबोवो सुबियांतो – राष्ट्रपति, इंडोनेशिया

अब्देल फतह अल-सीसी – राष्ट्रपति, मिस्र

अनवर इब्राहिम – प्रधानमंत्री, मलेशिया

मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान – युवराज, अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात)

अबी अहमद अली – प्रधानमंत्री, इथियोपिया

ले मिन्ह हुंग – प्रधानमंत्री, वियतनाम

नयी दिल्ली में हो रहा यह 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन न केवल विकसित और विकासशील देशों के बीच शक्ति संतुलन को पुनर्परिभाषित करेगा, बल्कि भारत की ‘ग्लोबल साउथ’ के नेता और मध्यस्थ के रूप में भूमिका को और मजबूत करेगा।

अहम बात यह है कि इस विस्तारित समूह के नेता वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद, व्यापार, निवेश, तकनीक, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण सप्लाई चेन जैसे अहम मुद्दों पर मंथन करेंगे।

पहले जानिए 12 सितंबर को क्या-क्या होगा?

बता दें कि शिखर सम्मेलन की शुरुआत दोपहर 2:35 बजे ब्रिक्स सदस्य देशों की बंद कमरे की बैठक से होगी, जिसका विषय ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ है। इसके बाद, शाम 4:25 बजे सभी नेता ‘भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी’ का दौरा करेंगे।

शाम 5:05 बजे आधिकारिक ‘फैमिली फोटो’ और संयुक्त रूप से पेड़ लगाने का कार्यक्रम होगा। दिन के अंत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी मेहमान नेताओं के सम्मान में शाम 7:30 बजे एक भव्य रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।

अब दूसरे दिन 13 सितंबर को क्या होगा?

बात अब दूसरे दिन की करें तो, सुबह 9:55 बजे से ब्रिक्स सदस्य देशों, पार्टनर देशों और आमंत्रित मेहमानों का आना शुरू होगा। सुबह 10:35 बजे आधिकारिक समूह फोटो होगी, जिसके बाद 10:50 बजे मुख्य खुला सत्र शुरू होगा।

इस सत्र का शीर्षक ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना रखा गया है। इसके अलावा अंत में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ के साथ इस सम्मेलन का समापन होगा।

किस नेता का आगमन कब?

इस महासम्मेलन में शामिल होने के लिए वैश्विक नेताओं का भारत आगमन शुरू हो चुका है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही भारत पहुंच चुके हैं। अब जानिए नेताओं के आगमन का पूरा शेड्यूल…

10 सितंबर को कौन नेता आएं?

  • रात 9:50 बजे- माउरो विएरा (विदेश मंत्री, ब्राजील)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

11 सितंबर को आने वाले नेता-

  • रात 1:15 बजे- व्लादिमीर पुतिन (राष्ट्रपति, रूस)- एएफएस पालम (पहुंच चुके हैं)

  • सुबह 4:10 बजे- टेड्रोस अदनोम गेब्रियेसस (महानिदेशक, डब्ल्यूएचओ)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • सुबह 8:25 बजे- झोउ जियायी (अध्यक्ष, एआईआईबी)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • सुबह 8:45 बजे- मारियो लुबेटकिन (विदेश मंत्री, उरुग्वे)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • सुबह 9:05 बजे- सिरिल रामफोसा (राष्ट्रपति, दक्षिण अफ्रीका)- टी3, आईजीरआई एयरपोर्ट

  • सुबह 9:15 बजे- जेसिका अल्पू (उपराष्ट्रपति, युगांडा)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • दोपहर 1:25 बजे- एंटोनियो गुटेरेस (महासचिव, संयुक्त राष्ट्र)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • दोपहर 2:00 बजे-डिल्मा राउसेफ (अध्यक्ष, एनडीबी)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • दोपहर 2:00 बजे- मसूद पेजेश्कियन (राष्ट्रपति, ईरान)- एएफएस पालम

  • दोपहर 2:45 बजे- काशिम शेट्टिमा (उपराष्ट्रपति, नाइजीरिया)- एएफएस पालम

  • शाम 5:35 बजे- अब्देल फत्ताह अल-सिसी (राष्ट्रपति, मिस्र)- एएफएस पालम

  • शाम 5:50 बजे- शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (क्रेउन प्रिंस, अबू धाबी/यूएई)- एएफएस पालम

  • शाम 6:40 बजे- अनवर इब्राहिम (प्रधानमंत्री, मलेशिया)- एएफएस पालम

  • शाम 7:30 बजे- अबी अहमद अली (प्रधानमंत्री, इथियोपिया)- एएफएस पालम

  • रात 8:45 बजे- इवारिस्टे नदायशामिये (राष्ट्रपति, बुरुंडी)- एएफएस पालम

  • रात 9:00 बजे- प्रबोवो सुबियांतो (राष्ट्रपति, इंडोनेशिया)- एएफएस पालम

  • रात 10:00 बजे- फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर (राष्ट्रपति, फिलीपींस)- एएफएस पालम

  • रात 10:50 बजे- ब्रूनो रोड्रिग्ज परिल्ला (विदेश मंत्री, क्यूबा)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • रात 11:35 बजे- नगोजी ओकोन्जो-इवेला (महानिदेशक, डब्ल्यूटीओ)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

अब जानिए 12 सितंबर को आने वाले नेताओं के बारे में

  • सुबह 5:35 बजे- मैक्सिम राइजेंकोव (विदेश मंत्री, बेलारूस)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • सुबह 11:05 बजे- ले मिन्ह हंग (प्रधानमंत्री, वियतनाम)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • दोपहर 12:25 बजे- शी जिनपिंग (राष्ट्रपति, चीन)- एएफएस पालम

  • दोपहर 3:30 बजे- अब्दुकलतीफ बिन राशिद अल जयानी (विदेश मंत्री, बहरीन)- टी3, आईजीआई एयरपोर्ट

  • शाम 4:10 बजे- कासिम-जोमार्त तोकायेव (राष्ट्रपति, कजाखस्तान)- एएफएस पालम

  • रात 9:00 बजे- फैसल बिन फरहान अल सऊद (विदेश मंत्री, सऊदी अरब)- एएफएस पालम

दिल्ली बनी एक सुरक्षा का किला

दुनिया भर के दिग्गज नेताओं के आने से दिल्ली को सुरक्षा के एक बहु-स्तरीय घेरे में बदल दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए लगभग 15000 दिल्ली पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं। चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

कूटनीतिक एन्क्लेव की बढ़ाई गई सुरक्षा

कूटनीतिक एन्क्लेव और उन होटलों के आसपास सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है जहां विदेशी मेहमान ठहरेंगे। खास बात यह है कि चीन, रूस और ईरान के लिए अलग-अलग होटल तय किए गए हैं, और इन देशों की अपनी सुरक्षा टीमें भी राष्ट्रपतियों के पहुंचने से पहले ही दिल्ली आ चुकी हैं।

हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि सुरक्षा का दायरा सिर्फ वेन्यू तक सीमित नहीं है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने सात उत्तरी राज्यों में उड़ानों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इसके अलावा, शुक्रवार से 52 घंटों के लिए दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में हल्के विमानों, ड्रोन (UAV) और इसी तरह के अन्य हवाई वाहनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

ट्रैफिक व्यवस्था में किया गया बदलाव

इतना ही नहीं सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन (कैंसिलेशन, रूट डायवर्जन और रीशेड्यूलिंग) में भी फेरबदल किया गया है।

इस महासम्मेलन को कवर करने के लिए दुनिया भर से 1200 से 1300 पत्रकार दिल्ली पहुंच रहे हैं, और ‘भारत मंडपम’ इस दो दिवसीय कूटनीतिक आयोजन का केंद्र बना हुआ है।

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