रांचीः झारखंड सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल की तरफ से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया है। लेकिन 24 दिनों के प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि सीबीआई जांच की मांग पूरी होने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
अभी छात्रों की लड़ाई अधूरी, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी
जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल की तरफ से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने के सीएम के ऐलान पर छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि ये पहला कदम है। अभी छात्रों की लड़ाई अधूरी है और जब तक हमारी सारी मांगें नहीं मानी जाती है, हम लोग कहीं जाने वाले नहीं है। ये लड़ाई जारी रहेगी, हमारी आधी मांगे पूरी हुई है। अभी सीबीआई जांच बाकी है। अभी 11 से 13 वाले फैसले का पलटा जाना बाकी है। अभी छात्र लोग बैठकर गहन अध्ययन करेंगे और फिर बताएंगे कि हमारी कौन-कौन सी बाकी है। अभी हम कहीं भी जाने वाले नहीं हैं।
छात्रों के लिए बहुत बड़ी जीत-हबीबा
अनशनकारी छात्र नेता हबीबा ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल की ओर से आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द होने पर कहा कि छात्रों के लिए बहुत बड़ी जीत है, सिर्फ ये एक जीत नहीं है,बल्कि ऐतिहासिक जीत है। जो इतिहास में, झारखंड में पहले कभी नहीं हुआ था, वो चीज आज हम लोगों ने कर दिखाया है। 26 सालों से जो युवा त्रस्त थे, उस चीज को हमने यहां बदल दिया है। छात्रों ने चाहा था कि रिफॉर्म लाएंगे, बदलेंगे, उस चीज को वो लोगों ने यहां बदला है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से छात्रों के हित में सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखने के लिए आभार जताया।
छात्र हित में ऐतिहासिक फैसला लिया गया-मंत्री इरफान अंसारी
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक कदम पीछे हटने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि लगभग 6 घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से स्वीकार करते हुए जेपीएससी-14वां, बैकलॉग 2023-25, जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। साथ ही 2014 से अब तक हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया गया है।













