नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव और मॉनसून से जुड़ी अनिश्चितता के चलते वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट घट सकती है। इसके घटकर 7% (चार तिमाहियों में सबसे कम) रहने के आसार हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में यह 7.8% थी। रेटिंग एजेंसी ICRA ने यह बात कही है।
ICRA के मुताबिक, इस सुस्ती की वजह सर्विस सेक्टर हो सकता है। 2026-27 की पहली तिमाही में इसकी ग्रोथ रेट घटकर 7.9% रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में यह 9.9% थी।
देखने को मिल सकती है यह ग्रोथ
हालांकि, ICRA के अनुमानों के अनुसार, इंडस्ट्रियल सेक्टर और एग्रीकल्चर सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इंडस्ट्रियल सेक्टर में ग्रोथ 7.7% रह सकती है। वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी तिमाही में यह 7.3% थी। एग्रीकल्चर सेक्टर ग्रोथ पिछली तिमाही के 3.6% से बढ़कर 4% हो सकती है।
RBI ने जाहिर किए हैं ये अनुमान
इस बीच अगस्त 2026 की पॉलिसी मीटिंग के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.7% रहने का अनुमान लगाया था। ये संशोधित अनुमान पिछले 6.6% के अनुमान से 10 बेसिस पॉइंट ज्यादा हैं। इसमें पहली तिमाही के लिए अनुमान 7% (जून में 6.6% था), दूसरी तिमाही के लिए 6.4% (जून में 6.3% था), तीसरी के लिए 6.5% (कोई बदलाव नहीं) और चौथी के लिए 6.8% (कोई बदलाव नहीं) है। वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही के लिए रियल GDP ग्रोथ का अनुमान 7.3% है।
वॉल्यूम ग्रोथ की अच्छी तस्वीर आई सामने
ICRA को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कुल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) 7.2% (Q4 FY26 में 7.9%) रहेगा। यह अनुमानित GDP ग्रोथ से लगभग 0.2 फीसदी ज्यादा है। इस पर प्रोडक्ट्स पर लगने वाले नेट इनडायरेक्ट टैक्स में कमी का असर पड़ सकता है।
ICRA की चीफ इकोनॉमिस्ट और हेड-रिसर्च एंड आउटरीच अदिति नायर ने कहा, ‘इंडस्ट्रियल और सर्विस सेक्टर के हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से पहली तिमाही में घरेलू वॉल्यूम ग्रोथ की अच्छी तस्वीर सामने आई है। इससे पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण इस तिमाही में कमोडिटी की ऊंची कीमतों के असर को लेकर जताई जा रही चिंताएं गलत साबित हुई हैं।’
नायर ने कहा, ‘हालांकि, तेल रिफाइनिंग कंपनियों को पहली तिमाही में काफी नुकसान हुआ। इसका असर GVA ग्रोथ पर पड़ेगा। कुल मिलाकर, ICRA का अनुमान है कि Q1 2026-27 में रियल GDP ग्रोथ Q4FY26 के 7.8% से घटकर 7% हो गई है, जो मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी के इस तिमाही के ग्रोथ अनुमान के मुताबिक है।’
सभी सब-सेक्टर में सुस्ती
ICRA का अनुमान है कि सभी सब-सेक्टर में सुस्ती के कारण सर्विस GVA में सालाना ग्रोथ Q4FY26 के 9.9% से घटकर Q1FY27 में लगभग 7.9% रह जाएगी।
ICRA ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन के नए डेटा से पता चलता है कि सर्विस प्रोडक्शन के 19 में से 18 इंडेक्स में सालाना ग्रोथ चौथी तिमाही की तुलना में FY27 के शुरुआती दो महीनों में धीमी हुई है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सर्विस कंपनियों के बीच बिजनेस सेंटीमेंट काफी कमजोर हुआ। पश्चिम एशिया संकट और लगातार बढ़ते वेज कॉस्ट के दबाव के कारण ऑप्टिमिज्म (आशावाद) का स्तर पिछले पांच सालों में सबसे निचले स्तर पर आ गया।










