नई दिल्ली: सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार एक बार फिर चर्चा में हैं।
एमसीडी ने दक्षिणी जोन के उपायुक्त को निलंबित किया है, लेकिन छात्र संगठन एबीवीपी एमसीडी आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है।
आयुक्त बनने के बाद 4 बड़े हादसे हुए
संजीव खिरवार जनवरी 2026 में अश्वनी कुमार के जम्मू-कश्मीर तबादले के बाद एमसीडी आयुक्त नियुक्त हुए थे। उनके आयुक्त बनने के बाद पांच बड़े हादसों का उल्लेख किया गया है।
- 30 मई: सैदुलाजाब में इमारत गिरने की घटना।
- 3 जून: हौजरानी के बीएंडबी में आग लगने से 23 लोगों की मौत।
- 8 जुलाई: रोहिणी सेक्टर-16 में इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत।
- 21 अगस्त: रेगरपुरा में जर्जर इमारत को ध्वस्त करने के दौरान एक व्यक्ति की मौत।
- 6 सितंबर: सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत।
2022 में कुत्ता घुमाने के विवाद से भी चर्चा में आए थे
संजीव खिरवार वर्ष 2022 में त्यागराज स्टेडियम में कुत्ता घुमाने के विवाद के कारण भी सुर्खियों में आए थे। आरोप था कि उन्होंने खिलाड़ियों को जल्दी स्टेडियम से जाने को कहा, ताकि वह वहां अपने कुत्ते को टहला सकें। खिरवार ने आरोप को गलत बताते हुए कहा था कि वह कभी-कभी अपने पालतू कुत्ते को वहां घुमाते थे।
विवाद के बाद उनका दिल्ली से लद्दाख तबादला कर दिया गया था, जहां उन्होंने प्रधान सचिव के तौर पर सेवाएं दी थीं। जनवरी 2026 में दिल्ली तबादला होने के बाद उन्हें निगमायुक्त की जिम्मेदारी दी गई।
हादसों की जिम्मेदारी को लेकर यह है व्यवस्था
हालांकि, एमसीडी आयुक्त की जिम्मेदारी सीधे तौर पर किसी हादसे पर नहीं बनती है। जोन में होने वाली सभी गतिविधियों पर अंकुश की शक्तियां आयुक्त ने उपायुक्त को दे रखी हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दक्षिणी जोन के उपायुक्त को निलंबित किया गया है, जबकि एबीवीपी आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है।











