लखनऊ। संगठन की नींव मजबूत करने के साथ ही भाजपा चुनावी सीढ़ियां तेजी से चढ़ने लगी है। पांच और छह सितंबर को प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के लखनऊ दौरे के बाद अब 12 से 13 सितंबर तक राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष नितिन नवीन मेरठ और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष लखनऊ पहुंचकर यूपी को मथेंगे। पहले यह कार्यक्रम 11 से 13 सितंबर तक यानी तीन दिनों का प्रस्तावित था, जिसे दो दिन किया जा रहा है।
राष्ट्रीय नेतृत्व पिछले विधान सभा चुनाव (2022) एवं लोकसभा चुनाव (2024) में हारी सीटों पर फीडबैक भी लेगा। वहीं, संतोष की मुख्यमंत्री एवं दोनों उप मुख्यमंत्रियों से मुलाकात संभावित है। नितिन नवीन एवं बीएल संतोष चार जुलाई को दो दिनी दौरे पर लखनऊ आए थे।
इस दौरान उन्होंने 15 जुलाई तक क्षेत्रीय संगठनों एवं मोर्चों के गठन की बात कही थी, लेेकिन इसमें काफी विलंब हो गया। लखनऊ में दो दिनी प्रवास के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्षों एवं पुराने संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात कर संदेश दिया था कि पार्टी उनके अनुभव का चुनावी इस्तेमाल करेगी।
दोनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी, जिसके बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक के आवास पर पहुंचकर विशेष संदेश दिया। नवीन ने एनडीए के सहयोगी दलों (अपना दल एस, रालोद, निषाद पार्टी एवं सुभासपा) के साथ समन्वय बैठक भी किया था।
इसके बाद विनोद तावड़े ने पांच सितंबर को दो दिनी प्रवास पर लखनऊ पहुंचकर प्रदेश एवं क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक की, वहीं मुख्यमंत्री एवं दोनों उप मुख्यमंत्रियों से भी मुलाकात की। अब तावड़े के दौरे के पांच दिन बाद नितिन नवीन के पश्चिम उप्र एवं बीएल संतोष के अवध एवं कानपुर क्षेत्र के प्रस्तावित दौरे को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भाजपा ने छह साल बाद क्षेत्रीय टीमों का गठन किया है। राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के कई चेहरों को प्रमुख स्थान मिला है। छह मोर्चों की टीमें भी जल्द बन जाएंगी। नितिन नवीन अध्यक्ष बनने के बाद पश्चिम उप्र का पहला दौरा करेंगे, जहां की राजनीति सामाजिक समीकरणों से ज्यादा ध्रुवीकरण की नींव पर घूमती रही है। मेरठ को पश्चिम उप्र की राजनीतिक राजधानी कहा जाता है जहां नवीन क्षेत्रीय कार्यालय में संगठन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के साथ ही बाद में संघ के साथ माधव कुंज में समन्वय संवाद कर सकते हैं।
71 विधान सभा सीटों वाले पश्चिम क्षेत्र में भाजपा के सामने गुर्जर समीकरणों में हलचल समेत कई चुनौतियां हैं। वहीं, बीएल संताेष 82 विधान सभा सीटों अवध एवं 52 सीटों वाले कानपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ परिचय बैठक करेंगे। एनडीए के सहयोगी दलों की दावेदारी वाली विधान सभा सीटों की सामाजिक परिस्थितियों एवं चुनावी चाल पर भी संवाद करेंगे। संत रविदास जयंती पर छह माह तक संचालित होने वाले समरसता संकल्प अभियान (29 जुलाई से 20 फरवरी 2027 तक) व अगस्त में आयोजित तिरंगा अभियान और आगामी सेवा संकल्प माह की उपलब्धियों एवं तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।













