एटा। जिले के सकरौली थानाक्षेत्र के गांव धर्मपुर में दो माह में दो मासूमों की हत्या करनेवाला कोई और नहीं, मासूमों का सगा चाचा था। यह राज उस समय खुला जब मासूमों की हत्या के बाद इसने अपने सगे भाई की हत्या के प्रयास किया। इस प्रयास में असफल रहने पर यह भाग गया। इसे शनिवार को गिरफ्तार कर की गयी पूछताछ में यह राज खुला है। पुलिस इसे साइकोपेथिक किलर मान रही है।
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सगे भाई की हत्या के प्रयास में असफल रहने पर खुली कहानी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा सुनील कुमार सिंह ने बताया है शुक्रवार को धर्मपुर निवासी विश्वनाथ पुत्र मंगलसिंह द्वारा थाना सकरौली पर इस आशय की सूचना दी गयी कि गुरूवार की रात्रि में करीब 11 बजे उसके के भाई राधेश्याम ने उसके ऊपर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया जिसमें वह बाल-बाल बच गया। शोर सुनकर घर के और लोगों के आने पर राधेश्याम जान से मारने की धमकी देते हुये भाग गया।
शनिवार को थाना सकरौली पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर उक्त घटना में फरार चल रहे आरोपित राधेश्याम को कर्थनी मोड़ के पास से समय करीब 05.00 बजे घटना में प्रयुक्त एक लोहे के बाॅक सहित गिरफ्तार कर पूछताछ की तो आरोपित ने स्वीकारा कि अपने भाई की हत्या के प्रयास की घटना से पूर्व उसी ने अपने सगे भतीजों की भी हत्या की थी।
हत्या करने के बाद होती है आनन्द की अनुभूति
एसएसपी के अनुसार आरोपित साइकोपेथिक है। उसका कहना है कि हत्या करने के बाद उसको आनन्द की अनुभूति होती है। इसके अलावा उसका उद्देश्य घर के पाॅच लोगों को मारकर प्रापर्टी हथियाने का भी रहा है। इसी के चलते उसने दो मासूम बच्चों का सीरियल मर्डर किया। आरोपित के विरूद्ध थाना स्तर से विधिक कार्यवाही की जा रही है।
बता दें कि बीती 4 अप्रैल को धर्मपुर में 5 वर्षीय प्रशांत पुत्र रघुराज तथा 9 जून को रघुराज सिंह का 5 वर्षीय पुत्र प्रशांत की गला घोंटकर उस समय हत्या कर दी गयी जब वह अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे। एक ही गांव में, एक ही स्थान पर तथा लगभग एक ही परिस्थिति में हुई दो मासूमों की हत्या पुलिस के लिए चुनौती के रूप में थी।













