नई दिल्ली/काठमांडू। सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे आज से 3 दिन की नेपाल यात्रा पर हैं। नेपाल के आर्मी चीफ पूर्ण चंद्र थापा ने नरवणे को न्यौता दिया था। नेपाल से सीमा विवाद के बाद यह नरवणे का पहला दौरा है। आर्मी चीफ गुरुवार को काठमांडू में होने वाले कार्यक्रम में भारत की तरफ से नेपाल को मेडिकल सहायता देंगे। इसमें दवाएं और मेडिकल उपकरण शामिल हैं।
नेपाल में भारत के सीनियर अफसर ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मेडिकल सहायता नेपाल के लिए अहमियत रखती है। महामारी के दौर में भारत लगातार पड़ोसी देशों की मदद कर रहा है।
नरवणे को नेपाली आर्मी के ऑनरेरी जनरल की रैंक दी जाएगी
गुरुवार को नेपाल आर्मी हेडक्वार्टर पर होने वाले प्रोग्राम में जनरल नरवणे को नेपाली आर्मी के ऑनरेरी जनरल की रैंक दी जाएगी। यह 1950 से चली आ रही 70 साल पुरानी परंपरा है। इसके तहत दोनों देश एक दूसरे के सैन्य प्रमुखों को ऑनरेरी रैंक देते हैं। नरवणे नेपाल के आर्मी पवेलियन में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देंगे। नरवणे की नेपाली आर्मी चीफ के साथ मीटिंग भी होगी।
नरवणे शिवपुरी में आर्मी कमांड और स्टाफ कॉलेज में स्टूडेंट्स को भी संबोधित करेंगे। शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली से मुलाकात करेंगे। नेपाल जाने से पहले नरवणे ने कहा था कि इस दौरे से दोनों देशों के रिश्ते मजबूत होंगे।
नरवणे के बयान से नेपाल नाराज था
नेपाल और भारत के बीच इस साल मई से ही तनाव है। ऐसे में जनरल नरवणे का नेपाल दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। नरवणे ने मई में कहा था कि नेपाल किसी दूसरे देश की शह पर सीमा विवाद का मुद्दा उठा रहा है। लिपुलेख से मानसरोवर के बीच बनाई गई भारतीय सड़क पर सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने चीन का नाम नहीं लिया था, लेकिन नेपाल ने उनके इस बयान पर नाराजगी जाहिर की थी। नेपाल ने नरवणे के बयान को अपमानजनक बताया था।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
भारत ने अपना नया नक्शा 2 नवम्बर 2019 को जारी किया था। इस पर नेपाल ने आपत्ति जताई थी और कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख इलाके को अपना इलाका बताया था। इस साल 18 मई को नेपाल ने इन तीनों इलाकों को शामिल करते हुए अपना नया नक्शा जारी कर दिया। इस नक्शे को अपनी संसद के दोनों सदनों में पास कराया। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। मई-जून में नेपाल ने भारत से सटी सीमाओं पर सैनिक बढ़ा दिए। बिहार में भारत-नेपाल सीमा पर नेपाली सैनिकों ने कुछ भारतीयों पर फायरिंग भी की थी।













