भोपाल। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के असर वाली मध्यप्रदेश की 20 विधानसभा सीटों में से 11 पर भाजपा आगे है। 9 सीटों पर कांग्रेस को बढ़त है। 2018 के चुनाव में ये सभी 20 सीटें कांग्रेस के पास थीं।
सिंधिया के साथ 22 विधायक कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें 20 सिंधिया गुट के जबकि एक दिग्विजय सिंह समर्थक बिसाहूलाल सिंह और दूसरे अरुण यादव समर्थक हरदीपसिंह डंग थे। जौरा में बनवारीलाल शर्मा के निधन से सीट खाली हुई थी, यह सीट भी सिंधिया के प्रभाव की है। अब यहां से सूबेदारसिंह चुनाव लड़ रहे हैं जो आगे चल रहे हैं।
राज्यवर्धन को मजबूत बढ़त
सबसे ज्यादा लीड शिवराज सरकार में मंत्री और बदनावर से उम्मीदवार राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव की है। उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार कमल सिंह पटेल से 8334 वोट ज्यादा मिलते दिख रहे हैं। पहले राउंड में लीड लेने में दूसरे नंबर पर सांवेर से तुलसीराम सिलावट हैं, वे कांग्रेस के प्रेमचंद गुडडू से 5668 वोट आगे चल रहे हैं।
सिंधिया समर्थक प्रत्याशी, जो अभी आगे चल रहे हैं
- राज्यवर्धनसिंह दत्तीगांव, बदनावर
- तुलसीराम सिलावट, सांवेर
- डॉ. प्रभुराम चौधरी, सांची
- इमरती देवी, डबरा
- प्रद्युम्न सिंह तोमर, ग्वालियर
- मुन्नालाल गोयल, ग्वालियर पूर्व
- गोविंद सिंह राजपूत, सुरखी
- रणवीर जाटव, गोहद
- महेंद्र सिंह सिसौदिया, बम्हौरी
- जजपालसिंह जज्जी, अशोकनगर
- बिजेंद्रसिंह यादव, मुंगावली
सिंधिया समर्थक प्रत्याशी, जो अभी पीछे चल रहे हैं
- एंदलसिंह कंसाना, सुमावली
- रघुराजसिंह कंसाना, मुरैना
- गिर्राज सिंह दंडोतिया, दिमनी
- कमलेश जाटव, अंबाह
- मनोज चौधरी, हाटपिपल्या
- सुबेदार सिंह, जौरा
- जसवंत सिंह जाटव, करैरा
- ओपीएस भदौरिया, मेहगांव
- रक्षा सिरोनिया, भांडेर













