वॉशिंगटन। दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 6.62 करोड़ के पार हो गया। 4 करोड़ 57 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 15 लाख 23 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं।
इटली में संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। यहां शुक्रवार को 993 मौतें हुईं। अस्पतालों में बेड कम पड़ते जा रहे हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार क्रिसमस, बॉक्सिंग डे और न्यू इयर प्रतिबंधों के साए में गुजरेंगे।
इटली में बेबस होती सरकार
यूरोपीय देशों में जो हालात मार्च और अप्रैल में थे, लगभग वही फिर बनने लगे हैं। फ्रांस और जर्मनी ने सख्त प्रतिबंधों और लॉकडाउन से कुछ हद तक इन पर काबू पाया है, लेकिन इटली में ऐसा नहीं है। शुक्रवार को यहां 993 लोगों की मौत हुई। अब तक कुल 58 हजार लोग संक्रमण से दम तोड़ तोड़ चुके हैं।
इटली सरकार का कहना है कि अस्पतालों में बेड कम होते जा रहे हैं। सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि फेस्टिव सीजन में प्रतिबंध पहले से ज्यादा सख्त होंगे और लोगों को मानसिक तौर पर घर में ही रहने के लिए तैयार होना होगा।

अमेरिका में बेकाबू मौतें
अमेरिका में भी संक्रमण से हालात बद से बदतर हो रहे हैं। ‘द गार्डियन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते औसतन हर दिन 1800 मौतें हुईं और यह अप्रैल के बाद सबसे खतरनाक हालात हैं। प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन ने ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन पर आरोप लगाया है कि उसने वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन के लिए सही प्लान नहीं बनाया और इसकी वजह से राज्यों को परेशानी हो रही है।
बाइडेन ने कहा- मेरी टीम को अब तक डीटेल्ड प्लान नहीं मिला है। हमें वैक्सीन और सिरिंज कंटेनर्स का इंतजाम करना पड़ रहा है। बाइडेन ने ट्रम्प की कोरोना टास्क फोर्स में शामिल रहे डॉक्टर एंथोनी फौसी से अपील की है कि वे उनकी कोरोना टीम का हिस्सा बनें। फौसी ने अब तक इस पर जवाब नहीं दिया।
ऑस्ट्रेलिया में राहत
ऑस्ट्रेलिया में लोगों के संयम और सरकार के उपायों का असर दिखने लगा है। न्यू साउथ वेल्स और साउथ ऑस्ट्रेलिया सबसे ज्यादा प्रभावित थे लेकिन अब यहां हालात बिल्कुल काबू हैं। न्यू साउथ वेल्स में पिछले 24 घंटे में कोई स्थानीय संक्रमण का मामला सामने नहीं आया। हालांकि, सिडनी में विदेशी यात्रियों की वजह से खतरा बरकरार है और इसीलिए यहां प्रशासन ने होटल क्वॉरैंटीन फेसेलिटीज फिर शुरू कर दी हैं।











