सिराज पर फिर नस्लीय टिप्पणी, बोर्ड ने मांगी माफी, पुलिस ने छह फैंस को बाहर किया

सिडनी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में चल रहे तीसरे टेस्ट में दर्शकों की बदतमीजी बढ़ती जा रही है। शनिवार को जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज द्वारा दर्शकों की तरफ से नस्लीय दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज करवाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि रविवार को एक बार फिर से इसी तरह की घटना देखने को मिली। लगातार दूसरे दिन सिडनी में मौजूद दर्शकों ने सिराज को अपशब्द कहे और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।

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मैच के चौथे दिन चायकाल से पहले 86वें ओवर समाप्ति के बाद मैदान में सब कुछ सामान्य नजर नहीं आया। गेंदबाजी करने के बाद दोबारा फिल्डिंग करने गए सिराज को फिर नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा।

सिराज ने चौथे दिन इस मामले को तुरंत फिल्ड अंपायरों के साथ साझा किया। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई। इस दौरान 10 मिनट तक खेल भी रुका रहा, इसके बाद सुरक्षाकर्मी दर्शक दीर्घा में गए और अपशब्द कहने वाले व्यक्ति को ढूंढने लगे और फिर दर्शकों के एक समूह को स्टैंड से जाने को कहा गया। अंपायरों को भी इस दौरान खिलाड़ियों से बात करते देखा गया। खिलाड़ियों की तरफ हालांकि कोई चीज नहीं फेंकी गई।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले यानी शनिवार को तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने सिराज और बुमराह की तरफ से मैच रेफरी से शिकायत की थी। कप्तान अजिंक्य रहाणे की अगुवाई में टीम इंडिया ने बताया था कि रैकविंड स्टैंड की तरफ से कुछ दर्शकों ने दोनों खिलाड़ियों को अपशब्द कहे जो नस्लीय थे। भारतीय टीम की शिकायत के बाद इस पूरे मामले को आईसीसी के पास जांच के लिए भेज दिया गया।

उधर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के हेड ऑफ इंटीग्रिटी एंड सिक्योरिटी सीन कैरोल ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड इस तरह के किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के खिलाफ है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके लिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, ‘सीए अभी आईसीसी की जांच का इंतजार कर रही है और उसके बाद ही कोई कार्रवाई करेगी।

इसके अलावा क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान के तौर पर भारतीय क्रिकेट टीम और प्रशंसकों से माफी भी मांगी है और यह भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उधर शनिवार को इस घटना पर बात करते हुए बीसीसीआई की तरफ से उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा था कि क्रिकेट एक जेंटलमैन गेम है और इसमें इस तरह के बर्ताव के लिए कोई जगह नहीं है। शुक्ला ने बताया था कि बोर्ड के सचिव जय शाह को मामले की जानकारी है और वे खिलाड़ियों के संपर्क में हैं।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट के खेल में इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। टीम प्रबंध इस मामले को देख रहा है। बीसीसीआई के साथ-साथ आईसीसी को भी इस मामले की जानकारी है। आईसीसी के पास इसके लिए नियम भी हैं जो किसी भी तरह की नस्लीय टिप्पणी पर लगाम लगाने के लिए सक्षम है।

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