अभिषेक शर्मा के तूफान के बाद मलिंगा की धार ने दिल्ली को किया पस्त

नई दिल्ली। अभिषेक शर्मा के तूफान और ईशान मलिंगा की शानदार गेंदबाजी के दम पर सनराइजर्स हैदराबाद ने मंगलवार को दिल्ली कैपिटल्स को 47 रनों से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने 20 ओवरों में दो विकेट खोकर 242 रन बनाए। इस विशाल स्कोर के सामने दिल्ली की टीम ढह गई और पूरे 20 ओवर खेलने के बाद 195 रनों पर ढेर हो गई।

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अभिषेक ने अपने आईपीएल करियर का कुल दूसरा और टी20 करियर का नौवां शतक जमाया। उन्होंने 68 गेंदों पर 10 चौके और 10 छक्कों की मदद से नाबाद 135 रनों की पारी खेली। अंत में हेनरिक क्लासेन ने 13 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 37 रन बनाए। मलिंगा ने चार ओवरों में 32 रन देकर चार विकेट लिए। इस जीतने हैदराबाद को तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। उसके सात मैचों में चार जीत और तीन हार के बाद आठ अंक हो गए हैं।

दिल्ली को इस विशाल स्कोर के सामने जिस शुरुआत की जरूर थी वो उसे नहीं मिली। तीसरे ओवर की पहली ही गेंद पर दिलशान मदुशंका ने पाथुम निसंका को आउट कर दिया। वह छह गेंदों पर आठ रन ही बना पाए। राहुल ने फिर नीतीश राणा के साथ मिलकर टीम को खराब शुरुआत से बाहर निकालने की जिम्मेदारी ली जिसमें वह सफल रहे। पावरप्ले में दिल्ली ने एक विकेट खोकर 59 रन बनाए। हालांकि, जिस रन रेट की जरूरत दिल्ली को थी उससे रन बन नहीं रहे थे।

राणा का प्रहार

राणा ने अपने पैर जमाए और फिर तेजी से रन बनाने शुरू किए। उन्होंने 10वें ओवर की पहली ही गेंद पर चौका मार अपना अर्धशतक पूरा किया। राहुल दूसरे छोर से संभाले हुए थे तो राणा तेजी से रन बना रहे थे। तभी साकिब हसन की एक क्रॉस सीम गेंद पर राहुल, अभिषेक को कैच दे बैठे। राहुल ने 23 गेंदों पर तीन छक्के और एक चौके की मदद से 37 रनों की पारी खेली। राहुल जब आउट हुए तब दिल्ली का विकेट 107 रन था।

अगले ओवर में अभिषेक ने ईशान मलिंगा की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर अच्छा कैच लेते हुए नीतीश की पारी का भी अंत कर दिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 30 गेंदों पर 57 रन बनाए जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल रहे। ये विकेट 11वें ओवर की पहली गेंद पर गिरा। मलिंगा ने अगली गेंद पर डेविड मिलर जैसे तूफानी बल्लेबाज को पहली ही गेंद पर बोल्ड कर दिया। वह बिना खाता खोले लौटे। यहां दिल्ली की हालत काफी खराब हो गई।

स्टब्स और रिजवी रहे नाकाम

राणा और मिलर के जाने के बाद ट्रिस्टन स्टब्स और समीर रिजवी ने मोर्चा संभाला और दिल्ली को जीत दिलाने की कोशिश की। दोनों अपनी तूफानी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। दोनों ने ही कुछ अच्छे शॉट्स लगाए और रन बटोरे लेकिन भगाती हुई रन गति को पकड़ नहीं पाए।

स्टब्स 16वें ओवर की पांचवीं गेंद पर आउट हो गए। मलिंगा की गेंद पर वह शॉर्ट थर्डमैन पर साकिब हुसैन के हाथों लपके गए। उन्होंने 16 गेंदों पर 27 रन बनाए जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा। रिजवी भी 17वें ओवर की दूसरी गेंद पर आउट हो गए थे, लेकिन अनिकेत वर्मा ने कैच छोड़ दिया। रिजवी इस समय 32 रनों पर थे। मलिंगा ने फिर आशुतोष शर्मा को भी पवेलियन भेज दिया। वह 14 रन ही बना सके और दिल्ली के छठे विकेट के रूप में आउट हुए।

यहां से दिल्ली को दो ओरों में 57 रनों की जरूत थी जो बने नहीं और दिल्ली मैच हार गई। आखिरी ओवर में हर्ष दुबे ने अक्षर पटेल को अपना शिकार बनाया। दिल्ली के कप्तान दो रन ही बना सके। समीर रिजवी इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर 41 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 28 रनों का सामना करते हुए दो चौके और दो छक्के मारे। हर्ष ने आखिरी गेंद पर लुंगी एंगिडी को आउट कर दिल्ली का आखिरी विकेट भी गिरा दिया।

हैदराबाद में बरसे रन ही रन

हैदराबाद ने अपने घरेलू मैदान पर ऐसा तूफानी प्रदर्शन किया कि मैदान पर हर तरफ सिर्फ रन ही रन नजर आए। दर्शकों को पूरा पैसा वसूल क्रिकेट देखने को मिला, जहां बल्लेबाजों ने गेंदबाजों पर पूरी तरह कहर बरपाया। इस विस्फोटक बल्लेबाजी की अगुआई अभिषेक शर्मा ने की, जिन्होंने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेलते हुए मैच को एकतरफा बना दिया।

अभिषेक का ये इस टूर्नामेंट में उनका दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी है। वह अंत तक क्रीज पर टिके रहे। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता दोनों साफ नजर आई, जिससे विरोधी टीम पूरी तरह बैकफुट पर चली गई।

छा गए अभिषेक

अभिषेक की पारी की खास बात उनका शॉट चयन और टाइमिंग रही। उन्होंने गेंदबाजों के अनुसार अपने शॉट्स को ढाला और ज्यादातर छक्के सामने की दिशा में लगाए। उन्होंने 47 गेंदों में शतक पूरा किया और 200 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी जारी रखी। अभिषेक को पारी में किस्मत का भी साथ मिला, जब वह 49 रन पर थे और केएल राहुल एक आसान रन आउट का मौका चूक गए। 14वें ओवर में भी दिल्ली ने अभिषेक को आउट करने का मौका गंवाया, जब नटराजन की गेंद पर उनका कैच टपकाया।

दिल्ली पर भारी पड़ी लापरवाही

यही मौका बाद में विपक्षी टीम के लिए भारी पड़ गया। इसके बाद अभिषेक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हर गेंदबाज पर लगातार हमला करते हुए रनगति को तेजी से आगे बढ़ाया। उनकी इस पारी ने न सिर्फ टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि मैच का रुख भी पूरी तरह बदल दिया। उनकी बल्लेबाजी इतनी प्रभावशाली रही कि न तो नीतीश राणा की ऑफ स्पिन उन्हें रोक सकी और न ही लुंगी एंगिडी की धीमी गेंदें उनके सामने असरदार साबित हुईं।

अभिषेक ने ट्रेविस हेड (37) के साथ पहले विकेट के लिए 97 रन जोड़े। इसके बाद कप्तान ईशान किशन (25 गेंदों पर 13 रन) ने तेजी से रन बनाते हुए सिर्फ 5.5 ओवर में 79 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। अंत में हेनरिक क्लासेन ने तेजतर्रार पारी खेलकर स्कोर को और विशाल बना दिया।

दिल्ली की रणनीति विफल

हर बार की तरह दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला किया। लेकिन दिल्ली की रणनीति पूरी तरह नाकाम रही। टीम ने पारी की शुरुआत पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर नीतीश राणा से कराई, जो काफी महंगी साबित हुई। राणा ने अपने चार ओवर में 55 रन लुटाए और छह छक्के खाए।

वहीं कप्तान अक्षर पटेल ने अपने पूरे ओवर नहीं डाले और कुलदीप यादव को भी एक खराब ओवर के बाद गेंदबाजी से दूर रखा, जो टीम के लिए भारी पड़ा। दिल्ली के स्पिन गेंदबाजों ने कुल आठ ओवर में 108 रन खर्च कर दिए, जिससे मैच पूरी तरह हाथ से निकल गया। पावरप्ले में 67 रन देने के बाद मध्य ओवरों में 116 रन लुटाना दिल्ली के लिए सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुआ।

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