नई दिल्ली। किसान आंदोलन के कारण बीजेपी-जेजेपी सरकार को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान आंदोलन से पूरी खट्टर सरकार डरी हुई है कि न जाने कब सरकार गिए जाए। सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान अलग हो चुके हैं और सहयोगी जेजेपी के अंदर भी इस मामले में जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है।
किसान आंदोलन शुरू होने के बाद से ही हरियाणा में बीजेपी की मुसीबतें बढ़ गई थीं। पार्टी के कई सांसदों ने कहा था कि किसानों के इस मसले का हल तुरंत निकाला जाना चाहिए। साथ ही किसानों के समर्थन में नहीं आने के कारण जेजेपी के अंदर भी दुष्यंत चौटाला से नाराजगी की खबरें हैं।
उधर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए मंगलवार को गृह मंत्रालय पहुंचे हैं।
इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बता दें कि जजपा विधायकों के कई लोग नाराज है। जजपा विधायक जोगी राम सिहाग ने कहा था कि केंद्र को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए क्योंकि हरियाणा, पंजाब और देश के किसान इन कानूनों के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि हम दुष्यंत जी से आग्रह करेंगे कि हमारी भावनाओं से अमित शाह जी को अवगत करा दें। इतना ही नहीं अमित शाह से बैठक से पूर्व चौटाला अपने विधायकों के साथ बैठक की है।
बता दें कि हरियाणा इन दिनों किसान आंदोलन से खासा प्रभावित है। पिछले दिनों हुए स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और यह माना जा रहा है कि इसका खामियाजा उसे उठाना पड़ा है।










