तो इस वजह से पहली बार नहीं होगा रणजी ट्राफी का आयोजन

लखनऊ। रणजी टीम के खिलाड़ियों के लिए एक बुरी खबर है। जी हां इस साल रणजी ट्राफी नहीं खेली जाएगी। रणजी की जगह पर इस बार विजय हजारे ट्राफी का आयोजन किया जाएगा। दरअसल ऐसा कोरोना की वजह से हो रहा है कि 87 साल में पहली बार रणजी ट्राफी का आयोजन नहीं होगा। कोरोना ने देश में खेल की दशा और दिशा दोनों बदल दी है।

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बताया जा रहा है कि अप्रैल में आईपीएल के 14वें सीजन का आयोजन होना तय माना जा रहा है। ऐसे में बीसीसीआई के पास घरेलू टूर्नामेंट कराने के लिए मात्र दो ही महीने का समय बाकी है।

यही सब ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने सभी संघों से विजय हजारे ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में से किसी एक के आयोजन पर राय मांगी थी। जिसके बाद कई संघों ने अपनी राय दी है। इसके आधार पर इस सीजन में विजय हजारे के अलावा सीनियर महिला एकदिवसीय और अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी का ही आयोजन किया जाएगा।

इसके अलावा बीसीसीआई ने रणजी ट्रॉफी के दौरान मैच फीस के रूप में प्रतिदिन करीब 45000 रुपये की कमाई करने वाले घरेलू खिलाड़ियों को मुआवजा देने का निर्णय लिया है। रणजी ट्रॉफी में चार दिवसीय क्रिकेट खेली जाती है जबकि विजय हजारे ट्रॉफी में एकदिवसीय मुकाबला होता है।

हालांकि अभी किसी भी टूर्नामेंट की तारीखों का एलान नहीं किया गया है, लेकिन अनुमान के मुताबिक फरवरी के दूसरे और तीसरे हफ्ते हजारे ट्रॉफी की शुरुआत हो सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश को छोड़कर अधिकतर राज्य संघ विजय हजारे ट्रॉफी के पक्ष में है। अधिकतर संघ छोटे फॉर्मेट के टूर्नामेंट पर सहमति जाता रहे हैं। वहीं इस मामले में बोर्ड सचिव जय शाह ने राज्य संघों को पत्र लिखकर फैसले की जानकारी दे दी है। यह हमारे लिए बेहद अहम है कि महिलाओं की प्रतियोगिता हो।

उन्होंने कहा की मुझे ये बताते हुए अत्यंत ख़ुशी हो रही है कि हम सीनियर महिला एकदिवसीय टूर्नामेंट के साथ-साथ वीनू मांकड़ अंडर-19 टी-20 ट्रॉफी का आयोजन कर रहे हैं। घरेलू सत्र 2020-21 के लिए प्राप्त आपकी प्रतिक्रियाओ के आधार पर ही ये फैसला लिया गया है। बीते साल आईपीएल के बाद मौजूदा समय में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सफल आयोजन के लिए मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं।’

आपको बता दें कि 1934 में पहली बार रणजी ट्राफी का आयोजन कराया गया था. इस टूर्नामेंट का नाम भारतीय राजकुमार और क्रिकेटर केएस रणजीत सिंह के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1896 से 1902 के बीच इंग्लैंड के लिए 15 टेस्ट मैच खेले। रणजीत सिंह ने ही क्रिकेट में लेट कट और लेग ग्लांस जैसे शॉट की ख़ोज की। रणजी ट्रॉफी की सबसे सफल टीम मुंबई है, जिसने रिकॉर्ड 41 बार फाइनल जीता।

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