नई दिल्ली। बजट भाषण से पहले बाजार में अच्छी बढ़त है। BSE का सेंसेक्स 434 अंकों की बढ़त के साथ 46,720.15 पर कारोबार कर रहा है। बाजार की तेजी में बैंकिंग शेयर सबसे आगे हैं। निफ्टी बैंक इंडेक्स 564 अंक ऊपर 31,130 पर कारोबार कर रहा है। इंडसइंड बैंक का शेयर 7% ऊपर कारोबार कर रहा है। निफ्टी इंडेक्स भी 113 अंकों की बढ़त के साथ 13,747.45 पर कारोबार कर रहा है।
11 बजे शुरु होगा बजट भाषण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद पहुंच चुकी हैं। आज सुबह 11 बजे पहली बार टैब के जरिए बजट पेश करेंगी। यह उनका तीसरा बजट होगा। इससे पहले उन्होंने 5 जुलाई 2019 और 1 फरवरी 2020 को भी केंद्रीय बजट पेश किया था। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह बजट आम लोगों के लिए राहत भरा होगा। मोदी सरकार का यह 9वां बजट होगा, जिसमें 5 जुलाई 2019 को आया अंतरिम बजट भी शामिल है।
BSE पर 2,490 शेयरों मे कारोबार हो रहा है। 1,315 शेयरों में तेजी और 1,028 में गिरावट है। लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर 186.89 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो शुक्रवार को 186.13 लाख करोड़ रुपए था। इससे पहले बाजार लगातार 6 सत्रों में गिरावट के साथ बंद हुआ था।
बाजार की चाल को बजट में प्रमुख सेक्टर से जुड़ें ऐलानों पर निर्भर होगा। MSME, ऑटो, डिफेंस सहित बीमा कंपनियों के शेयरों पर फोकस होगा।
बजट के दिन एग्री, ऑटो सहित सीमेंट सेक्टर्स पर होगा फोकस
ब्रोकरेज फर्म एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के मुताबिक ऑटो इंडस्ट्री में इंसेंटिव बेस्ड स्क्रैप पेज पॉलिसी के साथ -साथ एग्री, हाउसिंग और इन्फ्रा जैसे क्षेत्रों में सुधार के लिए कई ऐलान किए जा सकते हैं। इसमें निवेशकों को अशोक लेलैंड, एस्कॉर्ट, जेके लक्ष्मी सीमेंट, वर्लपूल इंडिया और LIC हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में खरीदारी की सलाह होगी। कंपनी के मुताबिक, बजट के दिन बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क भी रहना चाहिए।
पड़ोसी देशों के साथ तनाव और हथियार निर्यात को देखते हुए सरकार इस सेक्टर के लिए बड़े ऐलान कर सकती है। ऐसे में रक्षा क्षेत्र के शेयर आज फोकस में रहेंगे। इसमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लि. (HAL) का शेयर सबसे अहम है।
सरकारी कंपनियों के शेयर फोकस में होंगे
सरकार डिसइन्वेस्टमेंट योजना के तहत अब तक 19,499 करोड़ रुपए ही जुटा पाई है, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने की योजना थी। ऐसे में आज सरकारी कंपनियों के शेयर फोकस में होंगे। क्योंकि सरकार प्राइवेटाइजेशन से रकम जुटाने संबंधित घोषणांए कर सकती हैं।












