फिर होगा हॉट फायर टेस्ट, फरवरी के अंतिम सप्ताह में परीक्षण करने की तैयारी में NASA

वाशिंगटन। अंतरिक्ष पर्यटन के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने पहले स्पेस लांच सिस्टम (एसएलएस) का फरवरी में एक बार फिर हॉट फायर टेस्ट करने जा रही है, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। इससे पहले जनवरी में यह परीक्षण किया जाना था लेकिन एजेंसी ने समय से पहले ही इसे बंद कर दिया था।

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एसएलएस नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का सबसे अहम हिस्सा है। इसी के तहत नासा सबसे शक्तिशाली रॉकेट का निर्माण कर रहा है। इसके दो बड़े हिस्से हैं- एक तरल ईंधन इंजन और दूसरा ठोस ईंधन बूस्टर। एक रॉकेट में कई बूस्टर का उपयोग किया जाता है, जो अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की निचली कक्षा के आगे पहुंचाने के लिए अतिरिक्त बल लगाते हैं।

नासा के एक अधिकारियों ने कहा, ‘एसएलएस के परीक्षणों को आठ चरणों में पूरा किया जाना है। इस प्रक्रिया को एजेंसी ने ग्रीन रन नाम दिया है। दिसंबर तक इसके सात चरणों का परीक्षण किया जा चुका है। अब अंतिम चरण यानी हॉट फायर टेस्ट फरवरी के चौथे सप्ताह की शुरुआत में किया जाएगा।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का आर्टेमिस मिशन चंद्रमा की परिक्रमा करने और पृथ्वी पर लौटने के लिए स्पेस लांच सिस्टम रॉकेट की मदद से ओरियन स्पेसक्राफ्ट लांच करेगा। इसके परीक्षण के लिए एलएलएस के इंजन की बीते दिनों टेस्ट फायरिंग हुई थी। इसमें चार आरएस-25 इंजन लगे हैं।

रॉकेट के चारों इंजनों को वैसे ही फायर किया गया, जैसे वे लांच करते समय होंगे। इन इंजनों में पहली बार एक साथ एक मिनट तक फायरिंग हुई। हालांकि इसे बीच में ही रोक दिया गया। पहले हॉट फायर और सात ग्रीन रन परीक्षणों का मूल्यांकन करने के बाद नासा और कोर स्टेज के प्रमुख कांट्रैक्टर बोइंग ने माना कि हॉट फायर टेस्ट लंबे समय किया जाना चाहिए, तभी इसके सही परिणाम सामने आ सकते हैं। नासा ने कहा कि यह उड़ान के लिए मुख्य चरण को प्रमाणित करने में मदद करने के साथ मिशन के मुख्य चरण के लिए जोखिम को न्यूनतम करेगा।

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