डोमिनिका। PNB घोटाले का आरोपी भगोड़ा मेहुल चौकसी डोमिनिका में अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। हालांकि उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। लेकिन सेहत से जुड़ी दूसरी दिक्कतों की वजह से उसे फिलहाल अस्पताल में रखा गया है। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि चौकसी को क्या दिक्कत है।
चौकसी एंटीगुआ में रह रहा था। लेकिन 23 मई वह अचानक लापता हो गया था। फिर 25 मई को वह डोमिनिका में पकड़ा गया था। दो दिन पहले यानी शनिवार को डोमिनिका की जेल से चौकसी की तस्वीरें भी सामने आई थीं। इनमें उसकी आंख लाल और हाथ पर चोटें दिख रही थीं। फिर रविवार को एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन का बयान आया कि मेहुल चौकसी शायद गर्लफ्रेंड के साथ रोमांटिक ट्रिप पर डोमिनिका गया था लेकिन वहां पर पकड़ा गया।
इससे पहले चौकसी के वकील मार्श वेन ने बताया था कि चौकसी का अपहरण कर डोमिनिका लाया गया है। उसके साथ मारपीट भी हुई है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दो भारतीय एजेंट्स ने चौकसी का अपहरण किया था और अब वे दोनों लंदन भाग चुके हैं।
चौकसी अब फिर से एंटीगुआ भेजा जाएगा या नहीं। यह 2 जून को तय हो सकता है। डोमिनिका की कोर्ट ने 2 जून तक चौकसी के प्रत्यर्पण पर रोक लगा रखी है। वहीं चौकसी ने डोमिनिका में उसकी गिरफ्तारी को भी चुनौती दी है। इस पर भी 2 जून को ही सुनवाई होगी।
भारत ने प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज कीं
भारतीय जांच एजेंसीज भी चौकसी के प्रत्यर्पण की कोशिशों में जुटी हैं। भारत ने डोमिनिका सरकार से कहा है कि चौकसी को उन्हें सौंप दिया जाए, क्योंकि वह भारत का अपराधी है। वहीं एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन भी डोमिनिका से कह चुके हैं कि चौकसी को सीधे भारत को ही सौंप देना चाहिए। साथ ही कहा है कि अगर चौकसी वापस एंटीगुआ भेजा जाता तो उसे पहले की तरह ही यहां की नागरिकता का फायदा मिलता रहेगा।











