प्रोजेक्ट को प्रीमियम: अप्रैल से जून के बीच घरों की बिक्री में 83% का उछाल

नई दिल्ली। इस साल अप्रैल से जून के बीच देश के सात अहम शहरों में घरों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 83% बढ़ी। हालांकि इस दौरान मकानों की बिक्री पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च) के मुकाबले 23% कम रही। जेएलएल इंडिया की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक घरों की बिक्री तिमाही आधार पर घटने की वजह कोविड-19 की दूसरी लहर है।

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प्रॉपर्टी कंसल्टेंट जेएलएल के रेजिडेंशियल मार्केट अपडेट-Q2 2021 के मुताबिक, मकानों की बिक्री में सालाना आधार पर बढ़ोतरी होने का बड़ा कारण लो बेस इफेक्ट रहा है। पिछले साल जून तिमाही में कोविड के चलते मकानों की बिक्री धराशायी हो गई थी। बिक्री बढ़ने की वजह इस बार लॉकडाउन में कम सख्ती और टीकाकरण में आई तेजी भी है।

जेएलएल इंडिया के रेजिडेंशियल हेड शिवा कृष्णन के मुताबिक, ‘पहली छमाही में डेवलपर्स का ध्यान मिड और अफोर्डेबल कैटेगरी के मकानों पर बना रहा। बिक्री के लिए उपलब्ध नए मकानों में 72% एक करोड़ रुपए से कम कैटेगरी के थे। यह ट्रेंड बना रह सकता है लेकिन डेवलपर्स ग्राहकों की बदलती पसंद के मुताबिक बड़े मकान बनाने पर विचार कर सकते हैं।’

कृष्णन ने एक दिलचस्प ट्रेंड की तरफ भी इशारा किया। उन्होंने कहा, ‘ग्राहक मकानों की खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं। ज्यादातर कस्टमर शुरुआत ऑनलाइन सर्च से कर रहे हैं। इसलिए ऑनलाइन स्पेस में अच्छी मौजूदगी और ब्रांड रिकॉल वाले डेवलपर फायदे में हैं। अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले डेवलपर के प्रोजेक्ट के लिए लोग अच्छी कीमत देने को तैयार रहते हैं।’

जेएलएल इंडिया ने हालिया रिपोर्ट में बताया है कि इस साल अप्रैल से जून के बीच 19,635 मकान बिके। पिछले साल इसी दौरान 10,753 मकान बिके थे, जबकि इस साल जनवरी से मार्च के बीच 25,583 मकानों की बिक्री हुई थी। जेएलएल इंडिया ने रिपोर्ट में दिल्ली-NCR, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे के आंकड़े दिए हैं।

प्रॉपर्टी कंसल्टेंट के मुताबिक, जून तिमाही में बेंगलुरु में 3,500 मकान बिके। यह आंकड़ा मार्च तिमाही से 47% ज्यादा है, जब 2,382 मकान बिके थे। चेन्नई में घरों की बिक्री जून तिमाही में 3,200 से 81% घटकर महज 600 तक सिमट गई। दिल्ली-NCR में मकानों की सेल 55% घटकर 2,440 यूनिट तक आ गई। मार्च तिमाही में यहां 5,448 मकान बिके थे।

हैदराबाद में मकानों की बिक्री 3,709 यूनिट से घटकर 3,157 यूनिट रह गई। कोलकाता में रिहायशी मकानों की बिक्री 1,320 यूनिट से 56% घटकर 578 यूनिट रह गई। हालांकि, मुंबई में मकानों की बिक्री मामूली बढ़ोतरी के साथ 5,779 यूनिट से 5,821 यूनिट हो गई। पुणे में बिक्री पिछली तिमाही की 3,745 यूनिट से 6% घटकर 3,539 यूनिट रह गई।

मकानों की बिक्री को अगर छमाही आधार पर देखें, तो इस साल जून तक 45,218 मकान बिके जो पिछले साल की पहली छमाही से 18% ज्यादा है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट जेएलएल के मुताबिक, कैलेंडर ईयर 2020 में देश के सात अहम शहरों में जून तक 38,204 मकान बिके थे।

जेएलएल इंडिया के मुताबिक मकानों की बिक्री में बढ़ोतरी बताती है कि प्रॉपर्टी मार्केट में मांग बढ़ रही है और खरीदारों का भरोसा बहाल हो रहा है। जहां तक मकानों की कीमत की बात है, तो 2021 की जून तिमाही में सभी सात अहम बाजारों में पिछली तिमाही के मुकाबले काफी हद तक स्थिरता रही। देश के ज्यादातर बाजारों में पिछले कुछ साल से यही ट्रेंड है।

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