नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र इस बार काफी हंगामेदार रहा। विपक्षी दलों ने दोनों सदनों में पेगासस व किसानों के मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। विपक्ष के हंगामे के चलते ही लोकसभा का कार्यकाल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। जब से संसद का सत्र शुरु हुआ है पूरे देश के सांसद दिल्ली में हैं। इस बीच राजनीतिक दलों में भी केंद्र की एनडीए सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाने की होड़ लगी है।
कुछ दिनों पहले ही राहुल गांधी ने मार्निंग ब्रेकफास्ट पर विपक्षी सांसदों को बुलाया था। दो दिना पहले ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने रात्रिभोज में विपक्षी नेताओं को बुलाया था।
अब खबर है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्ष के शरद पवार, सीएम ममता बनर्जी, सीएम उद्धव ठाकरे और एमके स्टालिन से बातचीत कर एक साथ बैठने के लिए आमंत्रित किया है।
फिलहाल अभी इसकी कोई तारीख तय नहीं है, लेकिन सूत्रों ने कहा कि लंच या डिनर पर मिलना नेताओं के कार्यक्रम और उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
संयोग से सिब्बल के रात्रिभोज में विपक्षी नेताओं के जुटने के ठीक दो दिन बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह पहल की।

कांग्रेस नेता सिब्बल के भोज में ग्रुप-23 के नेता भी मौजूद थे, जिन्होंने पार्टी में आमूलचूल परिवर्तन की मांग की थी। राजनीतिक पंडित सिब्बल के रात्रिभोज को कांग्रेस में एक संकेत के रूप में देखा जा रहे हैं। पत्र लेखक (जी -23) अभी भी सक्रिय हैं, नेता एकजुट हैं और पार्टी में उथल-पुथल अभी खत्म नहीं हुई है।
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी संसद में आम तौर पर कम दिखती हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों से भी बचती हैं, लेकिन मंगलवार और बुधवार को वे सदन की कार्यवाही में शामिल हुईं।
बुधवार को वह पार्टी नेता अधीर रंजन चौधरी के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा आयोजित पारंपरिक चाय सभा में भी शामिल हुईं। इसमें पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे।












