हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है। हरियाणा में एक बार फिर भाजपा सत्ता में आते दिख रही है। इस विधानसभा चुनाव में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) और उनकी पार्टी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) का बुरा हाल है।
उचाना कलां (Uchana Kalan) से चुनाव लड़ रहे दुष्यंत करीब 23 हजार से भी ज्यादा वोटों से पीछे है। उनको तीन निर्दलीय उम्मीदवारों से भी कम वोट मिले हैं। जननायक जनता पार्टी 2019 के विधानसभा चुनाव में 10 सीटें जीती थी लेकिन इस बार के चुनाव में हालत इतने बुरे हैं कि जेजेपी को एक भी सीट मिलते नहीं दिख रहा है।
दुष्यंत चौटाला और उनके भाई की हार लगभग तय
उचाना कलां सीट से चुनाव लड़ रहे दुष्यंत चौटाला छठे नंबर पर हैं। दुष्यंत चौटाला के सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह कांग्रेस के टिकट पर मैदान में थे। वहीं भाजपा ने देवेंद्र अत्री को मैदान में उतारा था। दुष्यंत चौटाला के भाई दिग्विजय चौटाला भी करीब 11 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे चल रहे हैं। दिग्विजय चौटाला डबवाली सीट से मैदान में हैं।
जजपा का आसपा के साथ था गठबंधन
दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी का इस बार उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर की पार्टी से गठबंधन था। साल 2019 के चुनाव में जजपा 10 सीटें जीतकर हरियाणा में किंगमेकर बनी थी। माना जा रहा है कि पिछले चुनाव के बाद भाजपा से गठबंधन करने पर जाट मतदाता दुष्यंत चौटाला से नाराज थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी कारण जजपा इस विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर पिछड़ती दिख रही है।










