अपनी ही पार्टी पर क्यों भड़क उठे TMC सांसद कल्याण बनर्जी?

 नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज गैंगरेप मामले के बाद पूरे देश में राजनीति तेज है। इस बीच टीएमसी ने अपने ही सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा द्वारा दिए गये बयानों से किनारा कर लिया है। इसके साथ ही टीएमसी ने अपने दोनों नेताओं के बयानों को निजी करारा दिया है और कहा कि पार्टी ऐसे बयान की निंदा करती है। टीएमसी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट भी किया है।

उधर, सांसद कल्याण बनर्जी ने एक एक्स पोस्ट में अपनी पार्टी के बयान से असहमति जताई है। उन्होंने अपने पोस्ट में यह तक पूछा कि क्या टीएमसी उन नेताओं का समर्थन कर रही है जो इन अपराधियों को बचा रहे हैं?

टीएमसी पर ही बरसे कल्याण बनर्जी

सांसद कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मैं तृणमूल कांग्रेस द्वारा की गई टिप्पणी से पूरी तरीके से असहमत हूं। क्या वे अप्रत्यक्ष रूप से उन नेताओं का समर्थन कर रहे हैं जो इन अपराधियों को बचा रहे हैं? जब तक सीधे तौर पर जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक केवल अकादमिक बयानों से कोई वास्तविक बदलाव नहीं आएगा। इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि 2011 के बाद उभरे कुछ नेता खुद ऐसे अपराधों में सवालों के घेरे में हैं।

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उन्होंने आगे लिखा कि मैं उन लोगों से भी खुद को स्पष्ट रूप से दूर रखना चाहता हूं जो इन अपराधियों को प्रोत्साहित या संरक्षण दे रहे हैं। मेरे शब्दों और बयानों के पीछे के इरादे को सही मायने में समझने के लिए, एक निश्चित स्तर की नैतिक और बौद्धिक एकता की आवश्यकता है- जो दुर्भाग्य से गायब लगती है।

टीएमसी ने किया कल्याण बनर्जी के बयान से किनारा

तृणमूल कांग्रेस ने सांसद कल्याण बनर्जी के बयान से पार्टी ने किनारा कर लिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बारे में सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा द्वारा की गई टिप्पणी उनकी निजी हैसियत से की गई थी। पार्टी उनके बयानों से खुद को अलग करती है और इसकी कड़ी निंदा करती है। ये विचार किसी भी तरह से पार्टी की स्थिति को नहीं दर्शाते हैं।

पोस्ट में आगे लिखा गया कि हमारा रुख दृढ़ है; महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए हमारी कोई सहिष्णुता नहीं है और हम इस जघन्य अपराध में शामिल सभी लोगों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग करते हैं।

लॉ कॉलेज छात्रा गैंगरेप मामले में तीन आरोपी

बता दें कि कलकत्ता लॉ कॉलेज की छात्रा से गैंगरेप मामले में मोनोजीत मिश्रा मुख्य आरोपी है। कहा जा रहा कि वह तृणमूल कांग्रेस के स्टूडेंट विंग का नेता है। वहीं, इस केस में पुलिस ने दो अन्य छात्रों जैब अहमद और प्रमित मुखर्जी के साथ एक गार्ड पिनाकी बनर्जी को मामले में सह-आरोपी बनाया है।

क्या बोले थे टीएमसी सांसद?

जब तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर कोई दोस्त अपने दोस्त के साथ बलात्कार करता है तो क्या किया जा सकता है। क्या अब स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में पुलिस तैनात होग? यह छात्रों द्वारा एक अन्य छात्रा के साथ किया गया। पीड़िता की सुरक्षा कौन करेगा? यह सारा अपराध और छेड़छाड़ कौन करता है? कुछ पुरुष ऐसा करते हैं तो, महिलाओं को किसके खिलाफ लड़ना चाहिए? महिलाओं को इन विकृत पुरुषों के खिलाफ लड़ना चाहिए।

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