नई दिल्ली: क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहां आपके टैलेंट के साथ-साथ किस्मत रोल भी काफी अहम रोल होता है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल रही टीम इंडिया के आकाश दीप सिंह के साथ ये लाइन पूरी तरह से फिट बैठ रही है। दरअसल भारत और इंग्लैंड के बीच बर्मिंघम में दूसरा टेस्ट मैच खेला गया। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया और इतिहास में पहली बार बर्मिंघम में कोई टेस्ट मैच अपने नाम किया। शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने इस मुकाबले जीता और इस जीत में टीम इंडिया के सेनापति रहे आकाश दीप सिंह।
आकाश दीप के साथ किसने किया अन्याय?
टीम इंडिया जब इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच खेलने के लिए मैदान पर उतरी तो, हर किसी को यही लग रहा था कि भारतीय टीम जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में कुछ खास नहीं कर सकेगी और उन्हें इस मुकाबले में भी हार का सामना करना पड़ेगा, लेकिन आकाश दीप सिंह का इरादा कुछ अलग ही करने का था। उन्होंने इस मुकाबले में 10 विकेट झटके। मैच की पहली पारी में आकाश दीप ने 4 विकेट और दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर इतिहास रचा। वह इंग्लैंड की धरती पर एक टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने।
इंग्लैंड में इतिहास रचने और टीम इंडिया एक ऐतिहासिक जीत दिलाने के बाद भी उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब नहीं मिल सका। इसे जीता टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने। दरअसल गिल ने भी इस मुकाबले में काफी कमाल की बल्लेबाजी की थी। उन्होंने पहली पारी में 387 गेंदों पर 269 रन और दूसरी पारी में 162 गेंदों पर 161 रनों की पारी खेली और टीम इंडिया के जीत में अहम भूमिका निभाई। यही कारण है कि उन्हें इस मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। ऐसे में कहीं न कहीं आकाश दीप सिंह के साथ उनकी किस्मत ने अन्याय कर दिया।
कैसा रहा दूसरे टेस्ट का हाल
दोनों टीमों के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के बारे में बात करें तो, इस मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था। जो उनकी टीम के हित में नहीं रहा। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मैच की पहली पारी में 587 रन बनाए। इसके बाद इंग्लैंड की टीम बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतर। जहां उनकी टीम ने 407 रन बनाए और भारत को मिली 180 रनों की बढ़त। अब भारतीय टीम के पास एक विशाल टारगेट देने का मौका था। टीम इंडिया ने इस मौके का फायदा उठाया और 6 विकेट खोकर 427 रन पर पारी घोषित कर दी। भारत ने इंग्लैंड को जीत के लिए 608 रनों की लक्ष्य दिया, लेकिन उनकी टीम 271 रनों पर ऑलआउट हो गई और टीम इंडिया ने इस मुकाबले को बढ़ी आसानी के साथ अपने नाम कर लिया।










