वाराणसी। आत्मनिर्भर बनने का सपना संजोए काशी आ रहीं महिलाएं देह व्यापार कराने वाले गिरोह के निशाने पर हैं। महिलाएं ही इस गिरोह के लिए सेतु का काम कर रहीं। हाल के दिनों में स्पा सेंटर, हुक्का बार, रेस्टोरेंट में पड़े छापे में पकड़ी गई युवतियों से पूछताछ में ऐसी ही कहानियां सामने आई हैं।
बरामद युवतियों से पूछताछ में सच्चाई जान पुलिस भी हैरान है। पता चला कि एक नामचीन दूध कंपनी में काम करने आईं महिलाएं देह व्यापार में ढकेल दी गईं। गिरोह अपने मकसद को इतने शातिराना तरीके से अंजाम दे रहा कि दलदल में फंसी महिलाएं भी ज्यादा सुराग नहीं दे पा रहीं। कितनी महिलाएं फंसी हैं यह कहना मुश्किल है? पुलिस अब सर्विलांस के जरिए गिरोह की निगरानी कर रही।
पटना और आजमगढ़ की युवतियों की दर्द भरी दास्तां : बाबतपुर के एक रेस्टोरेंट में बुधवार को पुलिस की छापेमारी में चार युवतियां मिलीं। उनमें एक युवती पटना (बिहार) की होने के कारण पुलिस ने पड़ताल शुरू की। लाजमी है कि कोई देह व्यापार के लिए 300 किलोमीटर दूर क्यों आएगा? उसे भरोसे में लेकर पूछताछ की तो युवती रो पड़ी। पुलिस ने समझाया कि तुम्हारा क्या दोष, तुम्हें तो फंसाया गया, जेल तो तुम्हें फंसाने वाले जाएंगे।
युवती ने बताया कि वह आई तो थी एक नामचीन दूध कंपनी में काम करने, लेकिन उसे इस हाल पर ला खड़ा किया गया जहां से सारे रास्ते बंद हो गए। इज्जत वाले कार्य का भरोसा मिला था जब यहां पहुंची तो फंसकर रह गई। कमोबेश यही बात आजमगढ़ की युवती ने भी बताया। फिलहाल युवतियों को उनके स्वजन को सिपुर्द कर दिया गया है।
छोटे-छोटे औद्योगिक उपक्रम में गिरोह की महिलाएं
देह व्यापार से मोटी कमाई करने वाले गिरोह में महिलाएं भी हैं। जो छोटे-छोटे औद्योगिक उपक्रम में काम करती हैं। वहां काम करने वाली बाहरी महिलाओं को बातचीत में फांसती हैं। भरोसा देती हैं कि दूसरी जगह काम दिलाऊंगी, महिलाओं का मन भटका तो नए ठिकाने पर जा पहुंचीं। वहां सोच के उलट मिलता, लेकिन जब तक वहां से निकलती कुछ ऐसा हो जाता कि उनके लिए दूसरे रास्ते बंद हो जाते हैं।
बोले अधिकारी
युवतियों से पूछताछ में सुराग मिले हैं। मुश्किल यह है कि महिलाएं गिरोह के बारे में कुछ नहीं जानतीं। गिरोह की सर्विलांस से निगरानी की जा रही, जल्द गिरफ्त में होंगे। – सरवणन टी, डीसीपी क्राइम।
खुफिया एजेंसियों पर उठे सवाल
देह व्यापार कराने वाला गिरोह जनपद में सक्रिय है। यह बात तो एसओजी टू के छापे में स्पष्ट हो चुकी है इसलिए कि अभी तक तकरीबन 50 महिलाएं पकड़ी जा चुकी हैं। चूंकि इनका कोई सीधा अपराध नहीं बनता, इसलिए पुलिस स्वजन को बगैर नाम-पता उजागर किए सौंप दे रही, लेकिन गिरोह की सक्रियता खुफिया एजेंसियों की निष्क्रियता की गवाही दे रहा।













