नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित एक मंदिर से एक हथिनी को गुजरात स्थित वंतारा एनिमल रेस्क्यू सेंटर में ट्रांसफर करने से संबंधित मामले पर सुनवाई करने के लिए राजी हुई हैं।
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई गुरुवार को निर्धारित की है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वनतारा का स्टाफ कोल्हापुर आकर ‘माधुरी’ नाम की एक हथिनी को जामनगर ले गया था।
इस हथिनी को महादेवी हथिनी के नाम से भी संबोधित किया जाता है, लेकिन माधुरी को कोल्हापुर से ले जाते समय एवं उसके बाद भी लगातार विरोध प्रदर्शन हुए।
ये हथिनी जैन समाज के नंदिनी मठ में रहती थी। दरअसल पीपुल्स फॉल द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) ने महादेवी हथिनी की हालत बेहद खराब बताई थी।
पेटा की रिपोर्ट में वंतारा किया गया था शिफ्ट
PETA ने कहा था कि उसकी देखभाल ठीक से नहीं की जाती है। फिर एक उच्चस्तरीय जांच समिति ने इन दावों की पुष्टि की थी। इस जांच के आधार पर हथिनी को वंतारा के पुनर्वास केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया था।












