क्या नीतीश बिगाड़ेंगे महागठबंधन के सारे समीकरण, 60 दिन में 10 बड़े ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फ्रीबीज से लेकर सैलरी, पेंशन और डोमिसाइल नीति लागू कर चुनाव से पहले बड़ा कदम उठाया है। बीते 60 दिन में नीतीश ने 10 बड़े ऐलान किए हैं, जिससे करीब सवा 5 करोड़ वोटरों को सीधे फायदा होगा।

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बिहार सरकार ने महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों सबको साधने का प्रयास किया है। फिलहाल राज्य में 7.5 करोड़ वोटर हैं। इसमें 30 सितंबर को जारी होने वाले फाइनल आंकड़े में बढ़ोतरी होने की संभावना है। नीतीश कुमार अपनी घोषणाओं से करीब हर परिवार को किसी न किसी रूप में टच कर रहे हैं।

ऐलान-1ः 125 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी

सरकार ने जुलाई से राज्य के घरेलू कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं की 125 यूनिट बिजली फ्री करने का ऐलान किया है।

राज्य में 2 करोड़ 12 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इसमें से 1 करोड़ 82 लाख घरेलू कनेक्शन हैं। सरकार की इस योजना से घरेलू कनेक्शन वालों को सीधा लाभ होगा।

सरकार का दावा है कि 1 करोड़ 67 लाख लोग एक महीने में 125 यूनिट से कम बिजली खर्च करते हैं। इसलिए उन्हें इसका सीधा लाभ होगा।

इसके मायने क्या हैं- चुनाव से पहले सरकार ने यह दांव चल महंगाई की मार झेल रही गरीब और मिडिल क्लास फैमिली को सीधा देने फायदा की कोशिश की है।

ऐलान-2ः महिलाओं के लिए डोमिसाइल नीति लागू

शुरुआत में डोमिसाइल लागू करने से इनकार करने वाले नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए आरक्षित 35 फीसदी पदों पर डोमिसाइल लागू कर दिया है। सरकार ने इसे सभी तरह की नौकरियों में भी लागू किया है।

बिहार में करीब साढ़े 3 करोड़ महिला वोटर हैं। इन्हें नीतीश कुमार का कोर वोटर माना जाता है। इसमें से 30 फीसदी यानी करीब एक करोड़ वोटरों की उम्र 35 साल से कम हैं।

इसके मायने क्या हैं- इस साल बजट में सरकार ने महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक टॉयलेट, पिंक बस, जिम ऑन व्हील्स, महिला हाट, गरीब कन्याओं के विवाह के लिए कन्या मंडप, गर्ल्स हॉस्टल, महिलाओं को ई-रिक्शा की खरीदारी पर सब्सिडी देने का ऐलान किया था। इससे कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को सीधा फायदा हो रहा था।

अब चुनाव से पहले सरकार ने पढ़ी-लिखी महिलाओं को ध्यान में रखते हुए डोमिसाइल नीति लागू किया है। सरकार अपने इस दांव से अपने कोर वोटरों को और मजबूत कर रही है।

8 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माता जानकी की मंदिर बनाने का शिलान्यास किया। इस सहारे नीतीश कुमार धर्म की राजनीति का भी सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं।
8 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माता जानकी की मंदिर बनाने का शिलान्यास किया। इस सहारे नीतीश कुमार धर्म की राजनीति का भी सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं।

ऐलान-3ः शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल लागू, 85% आरक्षण का मिलेगा लाभ

सरकारी स्कूलों में शिक्षक बहाली में बिहार के अभ्यर्थियों को अब 85% आरक्षण का लाभ मिलेगा। बिहार सरकार ने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में राज्य के मूल निवासियों को बड़ा फायदा देने के लिए डोमिसाइल नीति लागू कर दी है।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बताया, ‘सरकार की इस नई नीति के तहत सरकारी स्कूलों में शिक्षक बहाली में अब बिहारियों को 85% से ज्यादा आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसे इसी साल आयोजित होने वाली TRE-4 परीक्षा से लागू किया जाएगा।

इसके मायने क्या हैं- काफी समय से बिहार के युवा डोमिसाइल नीति को लागू करने की मांग करते रहे हैं। चुनाव से पहले सरकार ने इसे लागू किया है। माना जा रहा है कि करीब 5 लाख युवाओं को इससे फायदा होगा।

ऐलान-4: सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ी

24 जून की कैबिनेट मीटिंग में नीतीश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन यानी वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन को 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए कर दिया। जुलाई की पेंशन से ही सभी को इसका लाभ भी मिलने लगा।

इससे विधवा महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगों को फायदा होगा। इनकी संख्या करीब एक करोड़ 9 लाख है।

इसके मायने क्या हैं- 2020 विधानसभा चुनाव में बुजुर्गों के अंदर NDA के प्रति गुस्सा दिखा था। CSDS-लोकनीति के पोस्ट पोल सर्वे में बताया गया कि 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों ने NDA को 5% कम वोट किया था।

ऐलान-5: जीविका दीदियों के लोन का ब्याज घटाया

21 जून 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों और कर्मचारियों से जुड़े दो बड़े फैसले किए।

पहला- स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों को 3 लाख से ज्यादा के बैंक लोन पर 3 फीसदी की कटौती कर दी। उन्हें अब सिर्फ 7 प्रतिशत ब्याज देना होगा। पहले 3 लाख रुपए से ज्यादा के बैंक ऋण पर 10% ब्याज देना पड़ता था।

दूसरा- जीविका कर्मचारियों की सैलरी डबल

जीविका स्वयं सहायता समूह के सभी 1 लाख 40 हजार कर्मचारियों की सैलरी को दोगुना कर दिया गया। ऐसे में ब्लॉक कर्मचारियों को 50 हजार और गांव के कर्मचारियों को 25 हजार रुपए तक की सैलरी मिलेगी।

इसके मायने क्या हैं- CM नीतीश कुमार के मुताबिक, 2006 में शुरू हुई जीविका परियोजना से लगभग 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदियां आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। लोन के ब्याज में कटौती से उन्हें सीधा फायदा होगा।

जीविका से अमूमन गरीब तबके की महिलाएं जुड़ी हैं। सरकार के फैसले से उन पर बड़ा असर पड़ेगा।

ऐलान-6: आशा-ममता कार्यकर्ताओं का वेतन बढ़ा

30 जुलाई को सरकार ने आशा और ममता कार्यकर्ताओं के पैसे में बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब ‘आशा’ को 1 हजार की बजाय 3 हजार मासिक और ‘ममता’ को प्रति प्रसव 300 की जगह 600 रुपए मिलेंगे।

इससे 95 हजार ‘आशा’ और 4600 ‘ममता’ कार्यकर्ताओं को फायदा होगा। साथ ही 29 हजार आशा कार्यकर्ताओं की बहाली अभी चल रही है।

इसके मायने क्या हैं- आशा और ममता कार्यकर्ताओं की पहुंच घर तक होती है। इनकी संख्या भी ठीक-ठाक है। पैसा बढ़ने से इनका मनोबल बढ़ेगा और सरकार की बातों को घर-घर तक पहुंचा सकती है।

ऐलान-7: रसोइया को अब मिलेगा 3300 रुपए महीना

बिहार के 70 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के तहत भोजन पकाने वाले 2 लाख 38 हजार रसोइया और सहायक रसोइया हैं। ये काफी कम मानदेय 1650 रुपए मासिक पर कार्य कर रहे थे, लेकिन अब सरकार ने तय किया है कि उनको हर महीने 3300 रुपए दिए जाएंगे।

अनुमान है कि इससे 10 लाख से अधिक लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

ऐलान-8ः शारीरिक शिक्षक और अनुदेशकों का बढ़ा मानदेय

राज्य के राजकीय प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत 8,386 शारीरिक शिक्षक और स्वास्थ्य अनुदेशकों के मासिक मानदेय को सरकार ने 8,000 से बढ़ाकर 16,000 रुपए महीना कर दिया है।

ऐलान-9ः स्कूल के नाइट गार्ड्स को भी मिला प्रोत्साहन

राज्यभर में कार्यरत 9,360 नाइट गार्ड्स भी कार्यरत हैं। जो स्कूलों की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी संभालते हैं। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने इनके मानदेय में भी दोगुनी वृद्धि की है। इन्हें अब 5,000 की जगह 10,000 रुपए महीना मिलेगा।

ऐलान-10: आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्टफोन के लिए 11,000 रुपए

आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्टफोन खरीदने के लिए 11,000 रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। यह सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे 2 लाख 28 हजार आंगनबाड़ी सेविकाओं को फायदा होगा।

क्या बिगड़ जाएगा महागठबंधन का सारा समीकरण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले 10 बड़े ऐलान कर साढ़े 7 करोड़ वोटरों में से करीब सवा 5 करोड़ वोटरों को सीधा फायदा पहुंचाया है। इसमें से 50 फीसदी लोग भी वोट में कन्वर्ट हुए तो महागठबंधन का सारा समीकरण बिगड़ जाएगा। पॉलिटिकल एक्सपर्ट ओम प्रकाश अश्क बताते हैं, ‘चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने इस बार कई ऐसे ऐलान किए हैं, जिसका वह पहले विरोध करते थे। यह उनकी बदली हुई राजनीति और जमीन की ओर इशारा करता है। इसमें से आधे या उससे थोड़ा कम वोटर भी उनकी तरफ मुड़े तो विपक्ष का सारा समीकरण बिगड़ जाएगा। NDA कंफर्टेबली सत्ता में लौट सकती है।’

सुप्रीम कोर्ट बोला-चुनाव के वक्त फ्रीबीज का ऐलान गलत

सुप्रीम कोर्ट ने 6 महीने पहले चुनाव के वक्त की जाने वाली मुफ्त की योजनाओं (फ्रीबीज) पर सख्त टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा, ‘लोग काम करना नहीं चाहते, क्योंकि आप उन्हें मुफ्त राशन दे रहे हैं। बिना कुछ किए उन्हें पैसे दे रहे हैं।’

कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि इन लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की बजाय, क्या आप मुफ्त की योजनाएं लागू करके परजीवियों की जमात नहीं खड़ी कर रहे हैं?

बेंच ने केंद्र से कहा था- ‘हम आपकी परेशानी समझते हैं और सराहना करते हैं, लेकिन क्या यह अच्छा नहीं होगा कि आप ऐसे लोगों को मुख्यधारा का हिस्सा बनाएं और उन्हें देश के विकास का हिस्सा बनाएं।’

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