परमाणु ब्लैकमेल बर्दाश्त नहीं करेगा’, लाल किले से पाकिस्तान को कड़ा संदेश

नई दिल्ली। देश आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। पीएम मोदी लगातार आज 12वीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित कर रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत परमाणु ब्लैकमेल बर्दाश्त नहीं करेगा। पीएम मोदी सिंधु जल संधि को लेकर कहा कि भारत का पानी दुश्मनों की धरती को सींचता था, जबकि मेरी धरती प्यासी रहती थी। अब भारत और उसके किसानों को अपने पानी पर अधिकार होगा। किसानों और राष्ट्र के कल्याण के लिए, हम सिंधु जल संधि से सहमत नहीं हैं।

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर पीएम मोदी ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने कहा कि आज 15 अगस्त का एक विशेष महत्व भी मैं देख रहा हूं। आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जवानों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे वीर, जांबाज सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पाकिस्तान की नींद अभी भी उड़ी हुई है। पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं, नई-नई जानकारियां आ रही हैं। आगे भी अगर दुश्मनों ने ये कोशिश जारी रखी, तो हमारी सेना तय करेगी, सेना की शर्तों पर, सेना द्वारा निर्धारित समय पर, सेना द्वारा तय लक्ष्य को अब हम अमल में लाकर रहेंगे। अब मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए सभी सैनिकों को सैल्युट किया। पीएम मोदी ने कहा कि दुश्मनों को हमारे वीर सैनिकों ने कल्पना से परे सजा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को सीधा संदेश देते हुए कहा कि भारत अब न्यूक्लियर की धमकियों को सहने वाला नहीं है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को मिली सच्ची श्रद्धांजलि: पीएम

पीएम मोदी ने लाल किले के प्राचीर से कहा कि आज लाल किले की प्राचीर से, मैं देश का मार्गदर्शन करने वाले, देश को दिशा देने वाले संविधान निर्माताओं को आदरपूर्वक नमन करता हूँ। आज हम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मना रहे हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत के संविधान के लिए बलिदान देने वाले देश के पहले महापुरुष थे। संविधान के लिए बलिदान। जब हमने अनुच्छेद 370 की दीवार को ध्वस्त करके एक देश, एक संविधान के मंत्र को जीवंत किया, तो हमने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी ने कहा कि लाल किले पर आज कई विशेष महानुभाव उपस्थित हैं। दूर-दराज के गांवों से आए पंचायत के सदस्य हैं, ड्रोन दीदी के प्रतिनिधि हैं, लखपति दीदी के प्रतिनिधि हैं, खेल जगत के लोग हैं, राष्ट्र और जीवन को कुछ न कुछ देने वाले महानुभाव यहां उपस्थित हैं। एक प्रकार से, मैं यहां अपनी आंखों के सामने एक लघु भारत देख रहा हूं। और आज, लाल किला तकनीक के माध्यम से भारत के साथ भी जुड़ा हुआ है।

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