रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अलास्का में मुलाकात की। उनके बीच यूक्रेन जंग खत्म करने पर करीब 3 घंटे मीटिंग हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने सिर्फ 12 मिनट की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि मुझे लगता है कि हमारी बैठक बहुत सकारात्मक रही। हमने कई बिंदुओं पर सहमति जताई, लेकिन कोई डील नहीं हुई। कोई समझौता तभी होगा जब वह अंतिम रूप लेगा।
वहीं, पुतिन ने कहा कि उनके लिए रूस की सुरक्षा सबसे जरूरी है। उन्होंने अगली मीटिंग मॉस्को में करने का सुझाव दिया। अपनी बात कहने के बाद दोनों नेता मंच से तुरंत चले गए।
पुतिन शनिवार को करीब 10 साल बाद अमेरिका पहुंचे। यहां उनका B-2 बॉम्बर एयरक्राफ्ट से स्वागत किया गया। उनके रेड कार्पेट पर आते ही ट्रम्प ने तालियां बजाईं। फिर पुतिन, ट्रम्प की कार में बैठकर मीटिंग के लिए रवाना हो गए।
ट्रम्प-पुतिन मुलाकात की तस्वीरें…





ट्रम्प–पुतिन प्रेस ब्रीफिंग की 5 अहम बातें:
- ट्रम्प-पुतिन में 3 घंटे क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी नहीं।
- 12 मिनट चली प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं ने किसी पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया।
- ट्रम्प ने कहा कि बैठक सकारात्मक रही, लेकिन अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ।
- पुतिन ने कहा कि यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए उसकी असल वजह को खत्म करना जरूरी।
- पुतिन ने कहा कि अगर 2022 में ट्रम्प राष्ट्रपति होते, तो यूक्रेन युद्ध नहीं होता।
- F-22 फाइटर जेट पुतिन के विमान के साथ अलास्का से मास्को तक गए
अमेरिका का फाइटर जेट F-22 पुतिन के विमान के साथ अलास्का से रूस के मास्को तक छोड़ने गए थे। F-22 पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है जिसे बोइंग ने विकसित किया है। यह अपनी हवाई क्षमताओं के लिए जाना जाता है। F-22 दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान है, जिसमें लंबी दूरी तक हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने की क्षमता है।
यूक्रेनी सांसद ने ट्रम्प पर जेलेंस्की के साथ भेदभाव का आरोप लगाया
यूक्रेन के विदेश मामलों के संसदीय समिति के अध्यक्ष ओलेक्सांद्र मेरेज्को ने ट्रम्प पर बातचीत के दौरान भेदभाव का आरोप लगाया है।
मेरेज्को ने BBC को बताया कि पुतिन का स्वागत ट्रम्प ने गर्मजोशी से किया, वहीं दूसरी तरफ फरवरी में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ बैठक के दौरान बहुत आक्रामक व्यवहार किया गया था।
मेरेज्को ने कहा यह यूक्रेन के लिए भी एक झटका है। सांसद कहते हैं, ‘अमेरिका हमारा सहयोगी है। पुतिन एक दुश्मन हैं, एक तानाशाह हैं। यह हमें फिर से याद दिलाता है कि हम वास्तव में सिर्फ खुद पर ही भरोसा कर सकते हैं।’
मेरेज्को ने कहा कि उन्हें इस बात पर भी आश्चर्य है कि दो महीने पहले ही कीव पर रूसी हमले में एक अमेरिकी नागरिक की मौत हो गई थी । वे कहते हैं, ‘अमेरिका को हमेशा इस बात पर गर्व रहा है कि राष्ट्रपति अपने नागरिकों के लिए खड़ा है। अब यहां राष्ट्रपति एक ऐसे व्यक्ति से हाथ मिला रहे हैं जो एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए जिम्मेदार है।’
व्हाइट हाउस ने ट्रम्प-पुतिन की मुलाकात को बेहतरीन बताया
व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर ट्रम्प के हवाले से लिखा- ‘हमने आज बेहतरीन प्रगति की, हमारी बैठक बेहद उपयोगी रही और कई चीजों पर सहमति बनी।’
ट्रम्प ने कैदियों की रिहाई पर कदम उठाने की बात कही
ट्रम्प ने अब फॉक्स न्यूज को बताया कि एक समझौता होने वाला है, और इसमें कैदियों की अदला-बदली भी शामिल हो सकती है।
ट्रम्प कहते हैं, ‘मैं 50/50 कहता हूं, क्योंकि बहुत सी चींजे हो सकती हैं। लेकिन मुझे लगता है कि राष्ट्रपति पुतिन समस्या का समाधान करना चाहते हैं।’
उन्होंने कहा कि कैदियों के अदला-बदली की दिशा में प्रगति हो रही है। ट्रम्प बोले, ‘आज उन्होंने मुझे एक किताब दी जिसमें हजारों कैदी के बारे में बताया गया है। हजारों कैदी, जिन्हें रिहा किया जाएगा।’
फॉक्स न्यूज के सवाल पर कि क्या इस समझौते पर आज सहमति बन गई। इसपर ट्रम्प ने कहा कि यह अभी भी पेंडिंग है। ट्रम्प ने कहा, ‘ठीक है, उन्हें इसे स्वीकार करना ही होगा।’
हालांकि, ट्रम्प ने ये नहीं बताया कि यह किताब उन्हें किसने भेंट की, और कैदी रूसी थे या यूक्रेनी।
ट्रम्प ने पुतिन के साथ सहमति नहीं बन पाने का कारण बताने से इनकार किया
ट्रम्प ने पुतिन के साथ सहमति नहीं बन पाने का कारण बताने से इनकार कर दिया। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा, ‘मुझे लगता है कि पुतिन इसे पूरा होते देखना चाहते हैं। हालांकि, एक बड़ी बात पर सहमत होने से उन्होंने मना कर दिया।’
ट्रम्प ने बताया कि पुतिन ने ये बात मानी की अगर जंग के समय वो राष्ट्रपति होते तो ये जंग कभी होती ही नहीं। ट्रम्प ने कहा, ‘यह युद्ध कभी नहीं होना चाहिए था। आप जानते हैं कि बहुत सारे युद्ध कभी नहीं होने चाहिए थे। ये बेवकूफी भरी बातें होती हैं।’ ट्रम्प ने रूस के हमले को न रोक पाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को दोषी ठहराया।
ट्रम्प बोले- पुतिन के साथ बैठक बहुत अच्छी रही
ट्रम्प ने पुतिन से उनकी मुलाकात के बाद फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमारे बीच आज ‘बहुत अच्छी बैठक’ हुई।
यह पूछे जाने पर कि पुतिन के साथ मीटिंग में कैसा माहौल था, इसपर ट्रम्प ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ उनके संबंध हमेशा से अच्छे रहे हैं।
उन्होंने कहा- देखते हैं आगे क्या होता है। ट्रम्प बोले- मैं चाहता हूं कि लोग मरना बंद करें।
ट्रम्प ने यूक्रेन और रूस में बच्चों की दुर्दशा पर मेलानिया का लेटर पुतिन को दिया
अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प ने यूक्रेन और रूस में जंग के कारण बच्चों की खराब हालात पर एक लेटर लिखा है। ट्रम्प ने ये लेटर मुलाकात के दौरान पुतिन को सौंपा। अमेरिका के सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की रिपोर्ट के अनुसार 2022 से अब तक रूस में 2 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं, यूक्रेन में ये आंकड़ा 3 लाख से ज्यादा हैं। जिनमें ज्यादातर बच्चें हैं।
ट्रम्प से मीटिंग खत्म होने के बाद ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने कहा कि वे लोगों को मरते हुए नहीं देखना चाहते हैं
रूस बोला- ट्रम्प-पुतिन की बातचीत बहुत अच्छी रही
ट्रम्प के फॉक्स को दिए इंटरव्यू के बाद रूस ने कहा कि पुतिन का अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ दिया इंटरव्यू बहुत अच्छा रहा।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि दोनों नेताओं ने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिए क्योंकि वे पहले ही विस्तृत बयान दे चुके थे। पेसकोव ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत उन्हें सीजफायर के विकल्प खोजने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगी।
ट्रम्प बोले- जितना सोचा उससे कहीं मुश्किल यूक्रेन जंग
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि पुतिन और जेलेंस्की दोनों चाहते हैं कि यूक्रेन में शांति के लिए होने वाली बातचीत में शामिल रहूं। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को बताया, “वे दोनों मुझे वहां चाहते हैं, और मैं वहां रहूंगा।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि कम समय में शांति स्थापित हो सकती है, तो उन्होंने इसका जवाब ‘हां’ में दिया। ट्रम्प ने यह भी माना कि उन्होंने सोचा था कि रूस-यूक्रेन जंग खत्म कराना सबसे आसान होगा, लेकिन यह सबसे कठिन निकला।
ट्रम्प-पुतिन के बीच जमीन की अदला-बदली पर भी बात
ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि पुतिन के साथ बैठक में जमीन की अदला-बदली और यूक्रेन की सुरक्षा पर बातचीत हुई।
ट्रम्प ने इस पर ज्यादा डिटेल नहीं दी। हांलाकि ट्रम्प ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम बहुत सी बातों पर सहमत हो गए हैं।’
ट्रम्प-पुतिन की मुलाकात पर अमेरिकी मीडिया का रिएक्शन
वॉशिंगटन पोस्ट- अलास्का समिट में ट्रम्प और पुतिन यूक्रेन में युद्धविराम तक नहीं पहुंचे
न्यूयॉर्क टाइम्स- ट्रम्प-पुतिन की अलास्का बैठक- यूक्रेन युद्ध पर कोई समझौता नहीं
CNN- ट्रम्प-पुतिन की बैठक बिना किसी ठोस समझौते के खत्म
ट्रम्प बोले- जंग रोकना अब जेलेंस्की पर निर्भर
ट्रम्प ने कहा कि सीजफायर डील की जिम्मेदारी अब पूरी तरह से जेलेंस्की पर है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पुतिन और जेलेंस्की के बीच बैठक तय की जाएगी।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा-

अब यह जेलेंस्की पर निर्भर है कि वे इसे पूरा करें। मुझे लगता है कि अब तीनों के बीच एक बैठक तय होगी। जेलेंस्की, पुतिन और मैं ।

ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि कौन से मुद्दे समझौते में रुकावट डाल रहे हैं। उन्होंने पुतिन के साथ हुई मीटिंग को सफल बताया और इसे 10 में से 10 अंक दिए।
अमेरिका के पूर्व राजदूत बोले- ट्रम्प को ‘जीरो’ मिला
ट्रम्प और पुतिन की मीटिंग के बाद बीबीसी से बात करते हुए नाटो में अमेरिका के पूर्व राजदूत डगलस ल्यूट ने कहा कि ट्रम्प को पुतिन से बातचीत में कुछ भी नहीं मिला।
ल्यूट ने कहा-

पुतिन का अंतरराष्ट्रीय अलगाव अब खत्म हो गया है। उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बड़े मंच पर बड़े व्यक्ति के रूप में देखा गया। उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ, रेड कार्पेट बिछा, ट्रम्प की कार की सवारी मिली… यह सब पुतिन के पक्ष में गया।

उन्होंने आगे कहा, “बदले में ट्रम्प को क्या मिला? कुछ नहीं… हमने बहुत कम हासिल किया। हम अभी यूक्रेन में शांति समझौते के करीब भी नहीं हैं। बल्कि पहले की तुलना में और दूर हो सकते हैं।”
पत्रकारों से बात करने नहीं रुके ट्रम्प
ट्रम्प वॉशिंगटन डी.सी. लौटते समय एयरफोर्स वन में सवार हुए और पत्रकारों से बात करने के लिए नहीं रुके, जैसा कि वे अक्सर यात्रा के दौरान करते हैं।
पुतिन के साथ हुए जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने प्रेस के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। पुतिन ने भी कोई सवाल नहीं लिया।

ट्रम्प भी अलास्का से रवाना हुए
पुतिन के बाद ट्रम्प भी अलास्का से रवाना हो चुके हैं। उनका एयरफोर्स वन विमान वॉशिंगटन वापस जा रहा है। वे अलास्का में लगभग 6 घंटे रहे।
मॉस्को रवाना हुए राष्ट्रपति पुतिन
पुतिन मॉस्को रवाना हो चुके हैं। उनका विमान अब एंकरेज में स्थित जॉइंट बेस एल्मेंडोर्फ-रिचर्डसन से उड़ान भर चुका है। पुतिन और ट्रम्प के बीच हुई मीटिंग में सीजफायर का ऐलान नहीं हो पाया।
प्लेन में सवार हुए पुतिन
रूसी राष्ट्रपति पुतिन को ट्रम्प के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के एक घंटे से भी कम समय बाद विमान में सवार होते देखा गया। पुतिन सिर्फ 5 घंटे पहले अलास्का पहुंचे थे। यहां उन्होंने ट्रम्प के साथ यूक्रेन जंग को लेकर करीब 3 घंटे मीटिंग की। अब जल्द ही वो मॉस्को रवाना हो सकते हैं।
पुतिन ने सोवियत सैनिकों को श्रद्धांजलि दी
अलास्का से रवाना होने से पहले पुतिन ने एंकरेज में फोर्ट रिचर्डसन मेमोरियल कब्रिस्तान में सोवियत सैनिकों की कब्रों पर फूल चढ़ाए।
रूसी राष्ट्रपति के ऑफिस क्रेमलिन की तरफ से जारी वीडियो में पुतिन घुटनों के बल बैठकर कब्र पर फूल चढ़ाते नजर आए।
क्रेमलिन ने कहा कि ये कब्रें उन सोवियत पायलटों और नाविकों को श्रद्धांजलि हैं जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका से सोवियत संघ तक उपकरण लाते समय मारे गए थे।
अमेरिका के पूर्व NSA बोले- पुतिन की जीत हुई
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बैठक में पुतिन जीत गए। उन्होंने बताया कि ट्रम्प को इस मीटिंग से कुछ ज्यादा हासिल नहीं हुआ।
बोल्टन ने कहा कि पुतिन ने संबंधों को फिर से स्थापित करने में काफी प्रगति की, जो उनका मकसद था। पुतिन ने अपने देश को प्रतिबंधों से बचा लिया और सीजफायर का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने यह भी बताया कि अगली बैठक तय नहीं है और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को इस बारे में पहले कुछ नहीं बताया गया था। कुल मिलाकर पुतिन ने वह सब हासिल कर लिया जो वह चाहते थे।
पुतिन बोले- ट्रम्प होते तो जंग नहीं होती
पुतिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर 2022 में डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो यूक्रेन में युद्ध नहीं होता। उन्होंने कहा कि ट्रम्प पहले ऐसा कहते रहे हैं और वह भी ऐसा मानते हैं। पुतिन ने बताया कि 2022 में उन्होंने बाइडेन को समझाने की कोशिश की थी कि मामले को बढ़ने से रोका जाए। अब ट्रम्प के साथ इस रास्ते पर आगे बढ़ते हुए हम यूक्रेन में जंग रोक सकते हैं। यह जितनी जल्दी हो सके, उतना ही बेहतर होगा।
पुतिन बोले- यूरोपी नेता शांति वार्ता में हस्तक्षेप न करें
पुतिन ने कहा कि यूक्रेन और यूरोपीय नेताओं को शांति को लेकर हो रही बातचीत में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि यूक्रेन और यूरोपीय देश इसे समझेंगे और कोई बाधा नहीं डालेंगे। वे इस प्रगति को रोकने के लिए पर्दे के पीछे साजिश की कोशिश नहीं करेंगे।”
ट्रम्प बोले- जेलेंस्की को फोन कर जानकारी दूंगा
ट्रम्प ने कहा कि अलास्का में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत के बाद उन्हें कई फोन कॉल करने हैं। इनमें नाटो, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और बाकी नेता शामिल हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं कुछ कॉल शुरू करने वाला हूं और उन्हें बताऊंगा कि क्या हुआ।”
पुतिन ने अगली मीटिंग मॉस्को में करने का सुक्षाव दिया
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अगली मुलाकात के लिए मास्को का सुझाव दिया। उन्होंने यह बात अंग्रेजी में कही। ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला लोगों को पसंद नहीं आएगा और कुछ आलोचना भी होगी, लेकिन उन्होंने पूरी तरह इसे नकारा नहीं। ट्रम्प ने कहा कि यह हो सकता है।

ट्रम्प बोले- पुतिन के साथ हमेशा अच्छा रिश्ता रहा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि उनका पुतिन के साथ हमेशा से अच्छा संबंध रहा है, लेकिन 2016 के अमेरिकी चुनाव में रूस के हस्तक्षेप की जांच के कारण इसमें रुकावट आई। ट्रम्प ने बताया कि उनके बीच कई कठिन और कई अच्छी बैठकें हुईं।
ट्रम्प बोले- समझौते के लिए सभी की सहमति जरूरी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि उनकी और पुतिन की बैठक बहुत काम की रही और इसमें कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि वह नाटो सहयोगियों और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की सहित अन्य लोगों को भी शामिल करेंगे।
ट्रम्प ने कहा कि आखिरी समझौता इन्हीं लोगों पर निर्भर करेगा और उन्हें इसे मंजूरी देनी होगी। उन्होंने दोहराया कि जब तक सभी सहमत नहीं होंगे, तब तक कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन अब ‘बड़ी प्रगति’ हुई है।

पुतिन बोले- यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमत
पुतिन ने कहा कि वह मानते हैं कि यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह ट्रम्प की इस सोच से सहमत हैं और इस पर काम करने के लिए तैयार हैं। पुतिन ने आशा जताई कि जो समझौता वे करेंगे, वह यूक्रेन में शांति लाने के लिए मददगार साबित होगा।
पुतिन बोले- ट्रम्प रूस के हित भी समझते हैं
पुतिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यूक्रेन और यूरोपीय देश शांति प्रक्रिया में रुकावट नहीं डालेंगे। उन्होंने ट्रम्प को उनके अच्छे इरादों के लिए शुक्रिया कहा। पुतिन ने कहा कि दोनों तरफ के नेताओं को रिजल्ट पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रम्प अपने देश की भलाई को महत्व देते हैं, लेकिन रूस के हितों को भी समझते हैं।
पुतिन बोले- यूक्रेन जंग की वजह को खत्म करना जरूरी
पुतिन ने कहा कि उनकी बातचीत का मुख्य मुद्दा यूक्रेन में चल रही जंग थी। स्थायी और लंबे समय तक चलने वाला समझौता करने के लिए जंग की अहम वजहों को खत्म करना जरूरी है। हालांकि, उन्होंने साफ नहीं बताया कि वे किस वजहों की बात कर रहे हैं।
पुतिन बोले- टकराव छोड़ बातचीत करने का समय आया
पुतिन ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों से अमेरिका और रूस के बीच कोई समिट नहीं हुई है, और दोनों देशों के रिश्ते शीत युद्ध के बाद से अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। लेकिन अब टकराव छोड़कर बातचीत की ओर बढ़ने का समय आ गया है। पुतिन ने यह भी कहा कि वे और ट्रम्प कई बार फोन पर खुलकर बात कर चुके हैं। इसके अलावा, ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने भी इस दौरान बातचीत का सिलसिला जारी रखा है।
पुतिन बोले- रूस और अमेरिका पड़ोसी हैं
पुतिन ने कहा कि अमेरिका और रूस भले ही महासागरों से अलग हैं, फिर भी बहुत करीब के पड़ोसी हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच की दूरी सिर्फ 4 किलोमीटर है, इसलिए वे सच में पड़ोसी हैं। पुतिन ने कहा कि आज सुबह उन्होंने हवाई अड्डे पर ट्रम्प से हाथ मिलाया, तो उन्होंने उनसे ‘नमस्ते पड़ोसी कहा।’
इसके बाद पुतिन ने अलास्का का इतिहास याद किया, जो 158 साल पहले रूस का हिस्सा था। उन्होंने अमेरिकी राज्य में अब भी मौजूद रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्चों का जिक्र करते हुए कहा कि यह साझा विरासत दोनों देशों के बीच बराबरी और आपसी फायदे वाले रिश्ते को फिर से मजबूत करने में मदद कर सकती है।
पुतिन ने सवालों के जवाब देना शुरू किया
राष्ट्रपति पुतिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत की। आमतौर पर जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति किसी विदेशी नेता की मेजबानी करता है, तो जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से होती है और उसके बाद मेहमान नेता बोलते हैं। लेकिन आज एंकरेज में, प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की, जबकि राष्ट्रपति ट्रम्प वहीं मौजूद थे।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस तय समय से लगभग आधे घंटे पहले हो रही है। ट्रम्प ने पुतिन की ओर इशारा किया और उन्हें पहले बोलने का मौका दिया।

ट्रम्प और पुतिन के बीच यह सातवीं मुलाकात
पुतिन और ट्रम्प के बीच यह सातवीं मुलाकात है। इससे पहले ट्रम्प के पहले कार्यकाल (2017-2021) में दोनों नेता छह बार विदेशों में मिले थे, जिनमें हैम्बर्ग (जर्मनी), दा नांग (वियतनाम), हेलसिंकी (फिनलैंड), ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना), और ओसाका (जापान) शामिल है।
7 साल बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के जवाब दिए हुए 7 साल हो गए हैं। आखिरी बार ऐसा हेलसिंकी (फिनलैंड) में हुआ था। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने 2016 के अमेरिकी चुनाव में दखल के मामले पर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की बजाय पुतिन का पक्ष लिया था।
इसके बाद, 2021 में जब तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जिनेवा में पुतिन से मुलाकात की, तो उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस अकेले करने का फैसला किया था।
थ्री ऑन थ्री फॉर्मेट में हुई ट्रम्प-पुतिन की बातचीत
अमेरिका और रूसी डेलीगेशन के बीच ‘थ्री ऑन थ्री’ फॉर्मेट में बातचीत हुई। पुतिन के साथ बातचीत में विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव थे। जबकि ट्रम्प के साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ थे।

अमेरिका और रूस के डेलिगेशन के बारे में जानिए…
बैठक में ट्रम्प और पुतिन दोनों अपने-अपने डेलिगेशन के साथ हैं।
रूसी डेलीगेशन
- सर्गेई लावरोव: रूसी विदेश मंत्री। 21 साल से रूस के विदेश मंत्री हैं।
- यूरी उशाकोव: पुतिन के विदेश नीति सलाहकार, पहले अमेरिका में राजदूत थे।
- आंद्रेई बेलौसोव: रक्षा मंत्री। पहले पुतिन के आर्थिक सलाहकार थे।
- एंटोन सिलुआनोव: रूसी वित्त मंत्री। बजट तैयार करते हैं जिसमें 1/3 हिस्सा सेना पर खर्च होता है।
- किरिल दिमित्रीव: विदेशी निवेश पर पुतिन के विशेष दूत, अमेरिका-रूस संबंधों के अहम व्यक्ति।
अमेरिकी डेलीगेशन
- मार्को रुबियो: विदेश मंत्री। सरकार में पुतिन के सबसे बड़े आलोचक माने जाते हैं।
- स्कॉट बेसेंट: वित्त मंत्री। यूक्रेन के साथ खनिज डील में बड़ी भूमिका थी।
- हॉवर्ड लुटनिक: वाणिज्य मंत्री। भारत को रूसी हथियार की खरीद बंद करने को कहा था।
- जॉन रैटक्लिफ: CIA चीफ। मार्च में यूक्रेन के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग रोकी ताकि बातचीत हो सके।
- स्टीव विटकॉफ: ट्रम्प के खास दोस्त और शांति वार्ता के दूत। पुतिन से कई बार मुलाकात कर चुके हैं।
- पीट हेगसेथ: रक्षा मंत्री। कह चुके हैं कि यूक्रेन को अब अपनी जमीन वापस मिलना नामुमकिन है।
- जनरल डैन केन: जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष। रूस को सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं।
नोट- यूक्रेन के लिए ट्रम्प के विशेष दूत, कीथ केलॉग डेलीगेशन में शामिल नहीं हैं।
पुतिन 10 साल बाद अमेरिका पहुंचे
रूसी राष्ट्रपति पुतिन 10 साल बाद अमेरिका पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट बिछाकर उनका स्वागत किया गया। ट्रम्प ने उन्हें एयरपोर्ट पर रिसीव किया। इसके बाद पुतिन, ट्रम्प की कार में बैठकर यूक्रेन जंग पर मीटिंग के लिए रवाना हो गए।
पुतिन इससे पहले आखिरी बार 2015 में UN महासभा (UNGC) की बैठक में शामिल होने लिए अमेरिका आए थे। तब यहां उन्होंने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से बातचीत की थी।
पुतिन और ओबामा की मुलाकात काफी तनावपूर्ण रही थी, क्योंकि ओबामा ने पूर्वी यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को लेकर पुतिन की तीखी आलोचना की थी।
पुतिन के लिए अलास्का में रेड कार्पेट बिछाया गया
ट्रम्प और पुतिन की मुलाकात के लिए अलास्का के एल्मेंडॉर्फ एयर बेस पर खास इंतजाम किए गए हैं। हवाई अड्डे के रनवे पर रेड कार्पेट बिछाया गया है, जिस पर दोनों नेता चलकर एक मंच तक जाएंगे। इस मंच पर “ALASKA 2025” लिखा हुआ है।
रेड कार्पेट के पास चार F-22 रैप्टर फाइटर जेट खड़े किए गए हैं। ये विमान उन स्क्वाड्रनों का हिस्सा हैं, जिनका काम अमेरिकी हवाई क्षेत्र में घुसने वाले रूसी विमानों को रोकना है।
ट्रम्प-पुतिन को खतरे से बचाने के लिए खास इंतजाम
ट्रम्प और पुतिन की मुलाकात के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं को किसी भी खतरे या जासूसी से बचाने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
दोनों देशों के कई सुरक्षाकर्मी और सैनिक एंकरेज पहुंच गए हैं। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस इसकी मुख्य जिम्मेदारी संभाल रही है और पुतिन की सुरक्षा टीम के साथ मिलकर काम कर रही है।
शुक्रवार सुबह एक स्पेशल मिलिट्री प्लेन, जिसमें रडार लगा है, एंकरेज के एयरपोर्ट से उड़ा। यह विमान हवा में आने वाले खतरों, जैसे मिसाइल या अन्य विमानों का पता लगा सकता है।
दोनों देशों की टीमें नेताओं को सुरक्षित रखने के लिए साथ काम कर रही हैं, लेकिन जासूसी रोकने के लिए भी सावधानी बरती जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका और रूस की खुफिया एजेंसियों के बीच भरोसा नहीं है।
पुतिन की टीम जासूसी से बचने के लिए ऐसे फोन और कंप्यूटर ला सकती है, जिन्हें बाद में फेंक दिया जाता है।










