काठमांडू: नेपाल में राजनीतिक उथल पुथल के बीच आज नई सरकार को लेकर सहमति बन सकती है। देर रात राष्ट्रपति आवास पर हुई बैठक के दौरान नई सरकार को लेकर सहमति बन गई है। नई सरकार की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की होंगी। हालांकि अभी भी संसद के विघटन को लेकर पेच फंसा हुआ है।
दूसरी तरफ राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत सीमा पर सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं। इस वजह से देश में तेल संकट गहरा गया है। कई पेट्रोल पंप पर तेल खत्म हो चुके हैं और जहां तेल है, वहां गाड़ियों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। राजधानी काठमांडू से लेकर सुदूर इलाकों तक पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत हो गई है। हालात यह हैं कि धंगढ़ी जैसे शहरों में लोग घंटों लाइन में खड़े होकर सरकारी पेट्रोल पंप से ईंधन लेने को मजबूर हैं।
आंशिक रूप से लगे कर्फ्यू ने आम जनजीवन को और मुश्किल बना दिया है। हालांकि प्रशासन ने सुबह 6 से 11 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक कुछ ढील दी है, लेकिन बाकी समय सेना और पुलिस सड़कों पर तैनात हैं। दूसरी तरफ पिछले कुछ दिनों में हिंसा की वजह से सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे की वजह से नई सरकार को लेकर अभी भी असमंजस है। अब सवाल यह है कि अंतरिम सरकार के तहत देश में किस तरह की व्यवस्था को लागू की जाएगी?
नेपाल में नई सरकार किस तरह की होगी?
देश में जारी राजनीतिक संकट के बीच ‘We Nepali’ ग्रुप के अध्यक्ष और जेन ज़ी आंदोलन के नेता सुदन गुरुंग ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नाम का समर्थन किया है। गुरुंग ने साफ कहा है कि संसद का विघटन उनकी मूल मांग है और तभी एक नई अंतरिम कैबिनेट का गठन होना चाहिए। गुरुंग ने कहा, “हम पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नेतृत्व स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।”
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जेन-जी पीढ़ी इस कैबिनेट की निगरानी करेगी, ताकि जनता की अपेक्षाओं के मुताबिक काम हो सके। सुशीला कार्की के अलावा काठमांडू के मेयर बालेन्द्र शाह ऊर्फ बालेन शाह, पूर्व विद्युत प्राधिकरण प्रमुख कुलमान घिसिंग और धरान के मेयर हरका सम्पांग के नाम भी संभावित अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में उभर रहे हैं। लेकिन सुशीला कार्की का अंतरिम प्रधानमंत्री बनना करीब करीब तय माना जा रहा है।
नेपाल की मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए राष्ट्रपति ने शांति की अपील की है और नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की गुजारिश की है। सेना और राष्ट्रपति कार्यालय दोनों ही जेन-जी नेताओं से शांति की अपील कर रहे हैं। इसके अलावा जेन ज़ी नेताओं से जल्द किसी नाम पर सहमत होने को भी कहा जा रहा है, ताकि अंतरिम सरकार का गठन किया जा सके।
अंतरिम सरकार के गठन में कहां फंसा है पेच?
हालांकि नेपाली सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त करने पर सहमति बन गई है। लेकिन अभी भी कुछ पेच फंसे हुए हैं। गुरुवार रात शीतल निवास स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में हुई एक बैठक में इस सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनी।
राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने अंतरिम नेता की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नेपाली सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल की मौजूदगी में कार्की के साथ बैठक बुलाई थी। गुरुवार रात लगभग 10 बजे शुरू हुई यह बैठक शुक्रवार तड़के 3:30 बजे समाप्त हुई। शीतल निवास के एक सूत्र के मुताबिक, राष्ट्रपति पौडेल आज कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे और उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
हालांकि, संसद भंग करने का मुद्दा अभी भी सुलझा नहीं है और इस मामले को अंतिम रूप देने के लिए आज एक बैठक बुलाई गई है। सूत्रों ने बताया कि कुछ अन्य संवैधानिक मुद्दों पर भी मतभेद बने हुए हैं।










