करोड़पतियों की सुनामी… 2021 से भारत में 4 लाख से ज्यादा नए मिलियनेयर

नई दिल्‍ली: भारत में अमीर परिवारों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। मर्सिडीज-बेंज हुरुन इंडिया वेल्‍थ रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत में अब 8.71 लाख ऐसे परिवार हैं जिनकी संपत्ति 8.5 करोड़ रुपये (10 लाख डॉलर) से ज्‍यादा है। यह संख्या 2021 से 90% ज्‍यादा है। ये परिवार भारत के कुल परिवारों का 0.31% हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में अमीरी बढ़ रही है।

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लेकिन, बहुत ज्यादा अमीर बनना अभी भी मुश्किल है। अमीर लोग ज्यादातर शेयर, प्रॉपर्टी और सोना खरीद रहे हैं। वे यूपीआई से पेमेंट करना पसंद करते हैं। ज्यादातर लोग भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर आशावादी हैं। लेकिन, निवेश करते समय सावधानी बरतते हैं। भारत में म‍िल‍ियनेयर अमीरों की संख्या चीन से कम है। 2001 से 4.1 लाख नए मिलियनेयर जुड़े हैं।

मर्सिडीज-बेंज हुरुन इंडिया वेल्‍थ रिपोर्ट 2025 में भारत के अमीर परिवारों के बारे में कई दिलचस्प बातें बताई गई हैं। यह रिपोर्ट बताती है कि भारत में अमीर लोग कहां रहते हैं, वे क्या खरीदते हैं और वे अपने पैसे का निवेश कैसे करते हैं।

महाराष्‍ट्र में सबसे ज्‍यादा अमीर

सबसे ज्यादा अमीर परिवार महाराष्ट्र में हैं। यहां 1.78 लाख ऐसे परिवार हैं जिनकी संपत्ति 8.5 करोड़ रुपये से ज्‍यादा है। मुंबई में सबसे ज्यादा 1.42 लाख मिलियनेयर परिवार रहते हैं। इसलिए मुंबई को भारत की ‘मिलियनेयर कैपिटल’ कहा जाता है। दिल्ली में 79,800, तमिलनाडु में 72,600, कर्नाटक में 68,800 और गुजरात में 68,300 मिलियनेयर परिवार हैं।

देश के टॉप 10 राज्यों में 79% अमीर परिवार रहते हैं। इससे पता चलता है कि अमीरी कुछ खास राज्यों में ही ज्यादा है। शहरों की बात करें तो मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में सबसे ज्यादा अमीर परिवार हैं। अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे जैसे शहर भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

2025 तक भारत के लगभग 0.31% परिवारों को अमीर माना जाता है। 2021 में यह आंकड़ा 0.17% था। इसका मतलब है कि अमीर परिवारों की संख्या बढ़ रही है।

2017 से 2025 तक मिलियनेयर परिवारों की संख्या 445% बढ़ गई। लेकिन, केवल 5% परिवार ही बहुत ज्यादा अमीर यानी अल्‍ट्रा हाई नेटवर्थ (100 करोड़ रुपये से ज्‍यादा) बन पाए। सिर्फ 0.01% परिवार ही अरबपति बने। इससे पता चलता है कि अमीरी तो बढ़ रही है। लेकिन, बिलियनेयर बनना बहुत मुश्किल है।

क‍िस राज्‍य में क‍ितने म‍िल‍ियनेयर परिवार

 

1 महाराष्ट्र 1,78,600
2 दिल्ली 79,800
3 तमिलनाडु 72,600
4 कर्नाटक 68,800
5 गुजरात 68,300
6 उत्तर प्रदेश 57,700
7 तेलंगाना 51,700
8 पश्चिम बंगाल 50,400
9 राजस्थान 33,100
10 हरियाणा 30,500

क्‍या खरीदते हैं भारतीय अमीर?

मर्सिडीज-बेंज हुरुन लग्‍जरी कंज्‍यूमर सर्वे 2025 में 150 अमीर भारतीयों से उनकी खरीदारी और पसंद के बारे में पूछा गया। इससे पता चला कि अमीर लोग सबसे ज्यादा शेयर, प्रॉपर्टी और सोना खरीदते हैं। 51% लोगों को लगता है कि अगले दो सालों में प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ेगी। 2021 से सोने की कीमत दोगुनी हो गई है।

एचडीएफसी बैंक अमीर लोगों का पसंदीदा भारतीय प्राइवेट बैंक है। सिटीबैंक अंतरराष्ट्रीय बैंकों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। रोलेक्‍स घड़ियों में, तनिष्‍क भारतीय गहनों में, ताज होटल्‍स हॉस्पिटैलिटी में और गुची/लुईस विटन एक्सेसरीज में अमीर लोगों की पहली पसंद हैं।

कैसे करते हैं पेमेंट?

अमीर लोग ज्यादातर यूपीआई से पेमेंट करते हैं। 35% लोग लग्जरी चीजें खरीदने के लिए कार्ड या कैश की जगह यूपीआई ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। 55% अमीर लोगों के पास एक से ज्यादा कारें हैं। एमीरात्‍स और ताज होटल्‍स उनके पसंदीदा ट्रैवल ब्रांड हैं।

83% लोगों को लगता है कि अगले तीन सालों में भारत की अर्थव्यवस्था अच्छी रहेगी। लेकिन, निवेश करते समय वे सावधानी बरतते हैं। केवल 17% लोग ही जोखिम लेने वाले निवेशक हैं। जबकि 31% लोग सावधानी से निवेश करते हैं। 27% लोगों का मानना है कि 50 करोड़ रुपये होने पर वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो जाएंगे। जबकि 25% लोगों के लिए यह आंकड़ा 10 करोड़ रुपये है।

कैसे बनाई गई हैं श्रेण‍ियां?

अरबपति (Billionaire) >8500 1 अरब 360
हुरून इंडिया रिच लिस्ट >1000 12 करोड़ 1,500
अंतरराष्ट्रीय एचएनआई (International HNI) >200 2.4 करोड़ 14,600
यूएचएनआई (UHNI) >100 1.2 करोड़ 66,800
एचएनआई (HNI) >10 12 लाख 5,89,600
अफ्लुएंट (Affluent) >8.5 10 लाख 8,71,700

भारत में अमीरों की संख्या चीन से बहुत कम है। चीन में 51 लाख मिलियनेयर परिवार हैं। जबकि भारत में यह आंकड़ा 8.71 लाख। लेकिन, भारत में अमीरी जिस तेजी से बढ़ रही है, उससे लगता है कि 2035 तक यहां 17–20 लाख अमीर परिवार हो सकते हैं। इससे चीन और भारत के बीच का अंतर कम हो जाएगा।

आम निवेशकों के लिए यह रिपोर्ट यह बताती है कि भारत के अमीर लोग कहां पैसा लगा रहे हैं और इससे बाजार कैसे बदल रहा है। सोना और शेयर अभी भी संपत्ति बनाने के मुख्य तरीके हैं। प्रॉपर्टी में लोगों का भरोसा फिर से बढ़ रहा है। यूपीआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लग्जरी चीजें खरीदने में भी हो रहा है। इससे पता चलता है कि टेक्नोलॉजी पैसे के प्रबंधन और खर्च करने के तरीके को बदल रही है।

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