नई दिल्ली। कर्नाटक में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। पिछले दिनों राज्य सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने सीएम सिद्दरमैया को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने सरकारी परिसरों में RSS की गतिविधियों पर तरह बैन लगाने की बात कही थी।
IT मंत्री प्रियांक खरगे की इस मांग पर राजनीतिक भूचाल आ गया। इस बीच प्रियांक खरगे ने मंगलवार को बताया कि उन्हें धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने सरकारी विद्यालय, सार्वजनिक संस्थानों में आरएसएस की गतिविधियों पर सवाल उठाने और उन्हें रोकने की हिम्मत की थी। इसी कारण धमकी दी जा रही है।
धमकियों से रुकने वाला नहीं: प्रियांक
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने लिखा कि पिछले दो दिनों से मेरे फ़ोन की घंटी बजती रही है। मुझे और मेरे परिवार को धमकियों, डराने-धमकाने और सबसे गंदी गालियों से भरे फ़ोन आ रहे हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैंने सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक संस्थानों में आरएसएस की गतिविधियों पर सवाल उठाने और उन्हें रोकने की हिम्मत की थी। लेकिन मैं न तो विचलित हूँ और न ही हैरान हूं।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि अगर उन्हें लगता है कि धमकियां और व्यक्तिगत ताने मुझे चुप करा देंगे, तो वे गलतफहमी में हैं। यह अभी शुरू हुआ है। अब समय आ गया है कि बुद्ध, बसवन्ना और बाबासाहेब के सिद्धांतों पर आधारित एक समाज का निर्माण किया जाए, जो समानता, तर्क और करुणा पर आधारित हो और इस देश को सबसे खतरनाक वायरस से मुक्त किया जाए।











