चुनाव आयोग ने सोमवार को दूसरे चरण के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का एलान कर दिया है। दूसरे चरण में 12 राज्यों में एसआईआर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुद्दुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा।
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एसआईआर से पहले चुनाव आयोग ने की बैठक
देशव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण के पूरे होने के बाद इन 12 राज्यों में नई मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। चुनाव आयोग एसआईआर लागू करने की रूपरेखा तय करने के लिए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के साथ पहले ही दो बैठकें कर चुका है। कई सीईओ ने अपनी पिछली एसआईआर के बाद की मतदाता सूचियां अपनी वेबसाइटों पर डाल दी हैं।
मतदाताओं के लिए क्या होगी पात्रता?
भारत के संविधान का अनुच्छेद 326 के अनुसार,
भारत का नागरिक होगा जरूरी
कम से कम 18 वर्ष की आयु
निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी
किसी भी कानून के तहत अयोग्य नहीं
एसआईआर की जरूरत क्यों?
कानून के अनुसार, मतदाता सूची को संशोधित किया जाना है:
हर चुनाव से पहले या आवश्यकता के अनुसार
राजनीतिक दल मतदाता सूची की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दे उठाते रहे हैं।
1951 से 2004 तक कुल आठ बार एसआईआर किया जा चुका है।
अंतिम एसआईआर 21 साल पहले 2002-2004 में किया गया था।
आजादी के बाद से नौवां एसआईआर- सीईसी
उन्होंने कहा कि चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) आजादी के बाद से नौवां ऐसा अभ्यास है, पिछला 2002-04 में हुआ था। सीईसी ने कहा कि एसआईआर का पहला चरण बिहार में शून्य अपील (बिना किसी आपत्ति) के साथ पूरा हो गया था। सीईसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया जाएगा। एसआईआर यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई भी अपात्र मतदाता सूची में शामिल न हो।’‘आज रात 12 बजे फ्रीज से SIR वाले राज्यों में वोटर लिस्ट होंगे फ्रीज’
मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, ‘जिन राज्यों में एसआईआर किया जाएगा, उन सभी राज्यों की मतदाता सूचियां आज रात 12 बजे फ्रीज कर दी जाएंगी। उस सूची के सभी मतदाताओं को बीएलओ की तरफ से विशिष्ट गणना प्रपत्र दिए जाएंगे। इन गणना प्रपत्रों में वर्तमान मतदाता सूची के सभी आवश्यक विवरण होंगे।
बीएलओ की तरफ से मौजूदा मतदाताओं को प्रपत्र वितरित करने के बाद, जिन सभी के नाम गणना प्रपत्रों में हैं, वे यह मिलान करने का प्रयास करेंगे कि क्या उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में था। यदि हां, तो उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। यदि उनका नाम नहीं, बल्कि उनके माता-पिता का नाम सूची में था, तो भी उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है…2002 से 2004 तक की एसआईआर की मतदाता सूची http://voters.eci.gov.in पर कोई भी देख सकता है और वे खुद मिलान कर सकते हैं।’
SIR की प्रोसेस को 7 सवाल-जवाब में जानें
1. SIR क्या है
यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं।
2. पहले किस राज्य में हुआ?
पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। ये वोटर्स 6 और 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में वोट डालेंगे।
3. कौन करेगा SIR वाले 12 राज्यों में करीब 51 करोड़ मतदाता हैं। इस काम में 5.33 लाख बीएलओ (BLO) और 7 लाख से ज्यादा बीएलए (BLA) राजनीतिक दलों की ओर से लगाए जाएंगे।
SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे।
6. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य
पेंशनर पहचान पत्र
किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र
जन्म प्रमाणपत्र
पासपोर्ट
10वीं की मार्कशीट
स्थायी निवास प्रमाणपत्र
वन अधिकार प्रमाणपत्र
जाति प्रमाणपत्र
राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम
परिवार रजिस्टर में नाम
जमीन या मकान आवंटन पत्र
आधार कार्ड
7. SIR मकसद क्या है
1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना।
डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।