अहमदाबाद। आतंकवाद के खिलाफ गुजरात एटीएस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने गांधीनगर के अडालज से 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी आतंकी गतिविधियों से जुड़े थे और उनका कनेक्शन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISIS से भी मिला है।
गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) को अडालज में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने की सूचना मिली थी। मुखबरी के आधार पर ATS ने इलाके में छापेमारी की, जिसके बाद 3 आरोपियों को धर दबोचा गया।
यूपी के रहने वाले हैं 2 आतंकी
शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़े गए 2 आतंकी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वहीं, तीसरा आतंकी हैदराबाद का निवासी है। यह तीनों मिलकर देश की कई जगहों पर आतंकी हमले को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। तीनों आतंकी हथियार लेने के लिए गुजरात पहुंचे थे।
ATS ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा
गुजरात ATS को मिली जानकारी के अनुसार, तीनों आतंकी दो अलग-अलग मॉड्यूल का हिस्सा हैं। इनके बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। आज दोपहर 1 बजे गुजरात ATS प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आतंकियों से जुड़ी जानकारी दे सकती है।
देश में कई जगहों पर हमले की योजना थी एटीएस को जानकारी मिली है कि आतंकी हथियार इकट्ठा करने के लिए गुजरात आ रहे थे और इनकी योजना देश में कई जगहों पर हमले करने की थी। तीनों आतंकी दो अलग-अलग मॉड्यूल का हिस्सा हैं। एटीएस के रडार पर मौजूद आतंकी देश में किन जगहों पर हमला करने वाले थे, इसकी जाच शुरू कर दी गई है। गुजरात एटीएस दोपहर 1:00 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगे की जानकारी देगी।

4 महीने पहले भी पकड़ाए थे 4 आतंकी इससे पहले गुजरात एटीएस ने अगस्त महीने में चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से दो को गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से अरेस्ट किया गया था। चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे।
ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है। चारों अल कायदा से जुड़े अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के लिए काम कर रहे थे। ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कुछ संदिग्ध ऐप्स के जरिए लोगों से संपर्क कर रहे थे।
सीमा पार के आतंकियों से संपर्क एटीएस के मुताबिक आरोपियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है और ये भारत में आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे। इन आतंकियों को कुछ खास और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे। ये चारों आतंकी सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इनका संपर्क सीमा पार बैठे आतंकियों से भी था।
गुजरात एटीएस और केंद्रीय एजेंसियां अब इनके नेटवर्क, फंडिंग, ट्रेनिंग और विदेशी संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। इनसे पूछताछ के बाद और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।













