बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम शुक्रवार 14 नवंबर को सुबह 9 बजे के करीब आने लगेगा। 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। पहले पोस्टल बैलेट की गिनती कर परिणाम बताए जाएंगे। उसके बाद ईवीएम खोले जाएंगे। हर विधानसभा के लिए यही शिड्यूल है। चुनाव परिणाम को लेकर धड़कनें इसलिए भी बढ़ी हुई हैं कि एग्जिट पोल ने एकतरफा इस बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार का एलान किया है, जबकि उसके बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने खुलकर कहा कि 18 नवंबर को वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।
इन दो बातों के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार-गुरुवार की मध्य रात्रि वोटिंग का आंकड़ा अंतिम तौर पर जारी किया है। कहा तो गया है कि अभी यह आंकड़ा संशोधित हो सकता है, लेकिन यह लगभग अंतिम है। यह आंकड़ा कुछ हद तक एग्जिट पोल के एकतरफा एलान पर सवाल कर रहा है।
कहावत पलटेगी, तभी एग्जिट पोल होगा सही
कहा जाता है कि ज्यादा वोटिंग हमेशा मौजूदा सरकार के खिलाफ होता है। दूसरी तरफ विपक्ष लगातार कह रहा है कि महिलाओं को 10 हजार रुपए काम के लिए देने के नाम पर राज्य सरकार ने ऐन मौके पर एक तरह से उन्हें घूस दिया। वोटिंग के आंकड़े महिलाओं का बंपर मतदान तो दिखा रहे हैं, लेकिन एग्जिट पोल पर सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि एनडीए के गढ़ में भी इस बार जबरदस्त वोटिंग हुई है। महागठबंधन के प्रभाव वाले जिलों में मतदान प्रतिशत के बढ़ने का फायदा उसे ही मिल जाए, लेकिन बड़ा सवाल है कि क्या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को उस तरह से अपने प्रभाव वाले इलाकों में इसका फायदा मिलेगा?
इस पूरे चुनाव में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। आधी आबादी ने अब तक के सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया। कभी सुबह में भी घर से निकलने में कतराने वाली महिला मतदाताओं ने सारे मिथक तोड़ दिए और शाम तक वोट देने के लिए बूथ पर आती दिखीं। परिणाम यह हुआ कि पहले चरण में पुरुषों की तुलना में 7.48 फ़ीसदी और दूसरे चरण में 10.15 फ़ीसदी अधिक महिलाओं ने वोट किया।
पहले चरण में महिलाओं के वोट का आंकड़ा 80 फ़ीसदी के पार नहीं पहुंचा था। मधेपुरा, सहरसा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर समेत पांच जिलों में ही महिलाओं से 75 फीसदी से अधिक वोटिंग की थी। लेकिन दूसरे चरण में सारे रिकॉर्ड टूट गए। सुपौल किशनगंज पूर्णिया कटिहार में 80 फ़ीसदी से अधिक महिलाओं ने वोटिंग की। किशनगंज में सबसे अधिक 88.57 फीसदी महिलाओं ने वोट किया। यहां पर महिलाओं की तुलना में पुरुषों ने महज 69.07 फीसदी ही वोट किया था। वही सुपौल में 83.69 फीसदी, पूर्णिया में 83.66 फीसदी, कटिहार में 84.13 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया। इन जिलों की महिला मतदाताओं ने सबसे अधिक प्रभावित किया













