लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव कार्यकर्ताओं के अति उत्साह के मसले को लेकर चिंतित हैं। दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम ने उनकी परेशानी बढ़ाई है। दरअसल, बिहार चुनाव में राजद को करारी हार का सामना करना पड़ा। तमाम राजनीतिक पंडितों की कयासबाजी से भी आगे एनडीए को 202 सीटों पर जीत मिली।
इस प्रकार के रिजल्ट के पीछे की वजहों में एक वजह राजद का अति उत्साह और आत्मविश्वास था। साथ ही, चुनाव के दौरान गायकों ने ऐसे-ऐसे गाने बनाए, जिसने पार्टी को बढ़त दिलाने की जगह पीछे धकेलने में ज्यादा मददगार हुई। पीएम नरेंद्र मोदी तक अपनी सभाओं में राजद को लेकर बने गानों की चर्चा करते दिखे। अब अखिलेश यादव इससे बचने की बात करते दिखे हैं।
अखिलेश ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय पर प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान बिहार चुनाव में बजे गानों का जिक्र करते हुए खुद को सावधान किया। उन्होंने कहा कि मैं कलाकार साथियों से कहूंगा कि बिहार में RJD के लिए जैसे गाने बने, वैसे गाने मत बना देना। इसके साथ ही, पत्रकारों से भी अखिलेश ने अपील की। उन्होंने कहा कि प्रेस के साथियों से कहूंगा, कोई कैसा भी गाना बनाए, उसे हमारा मत बता देना।
बिहार के गानों पर विवाद
बिहार चुनाव के दौरान राजद को लेकर बहुत रंगबाजी वाले गाने बने थे। बिहार में मिली हार का कारण भी इन गानों को भी बताया गया। इसको लेकर राजद ने गाना गाने वाले 32 गायकों को पार्टी की ओर से नोटिस भी भेजा। गायकों पर राजद को बदनाम करने का लगाया था। आरोपी गायकों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। राजद के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि चुनाव के पहले राजद को बदनाम करने के लिए कई गीत बाजार में जान-बूझकर लॉन्च किए गए।
एसआईआर पर धमासान जारी
यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की प्रक्रिया के बहाने जनता का मताधिकार छीनने की कोशिश हो रही है। अखिलेश यादव ने बीएलओ विजय कुमार वर्मा की मृत्यु का मुद्दा उठाया और सरकार पर मृतक को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक ऐसी रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत हजारों-लाखों मतदाताओं को सूची से बाहर किए जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि ये सोची-समझी साजिश है। संविधान ने हमें जो वोट का अधिकार दिया है, उसे छीनने की तैयारी है। आरक्षण और पहचान पर हमला किया जा रहा है। भाजपा और आयोग एसआईआर के बहाने लोगों का अधिकार छीन रहे हैं।
सपा अध्यक्ष ने किया सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि पूरे प्रदेश में शादी-ब्याह का मौसम है, लोग व्यस्त हैं, फिर भी सरकार जल्दबाजी में एसआईआर कराना चाह रही है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को भी बीएलओ का सहायक बना दिया गया है। फॉर्म में तकनीकी बातें हैं और सरकार कह रही है कि सारे फॉर्म बांट भी दिए गए। लेकिन, वास्तविकता कुछ और है। अखिलेश के इन आरोपों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।













