TMC में दो फाड़ तय, बागी विधानसभा पहुंचे, 59 विधायकों के समर्थन का दावा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में टीएमसी विधायक दल के दो हिस्सों में बंटना तय हो गया है। बागी ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा बुधवार को विधानसभा पहुंचे। बताया जा रहा है कि ऋतब्रत बनर्जी विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर 59 विधायकों का समर्थन का दावा पेश करेंगे। ऋतब्रत बनर्जी विधायक दल के नेता के तौर पर नेता विपक्ष और पार्टी के सिंबल पर भी दावा पेश करेंगे। विधानसभा में टीएमसी के 80 विधायक हैं। बागी गुट को नई मान्यता के लिए 52 विधायक की जरूरत है। टीएमसी से निलंबित नेता रिजू दत्ता ने कहा कि ऋतब्रत बनर्जी के साथ 59 टीएमसी विधायक हैं।

Advertisement

कल्याण बनर्जी ने भी विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

इस बीच टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी विधानसभा अध्यक्ष को खुला पत्र लिखकर सोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग की है। उन्होंने पहले दिए गए विधायक दल के लेटर के अनुसार आशिमा पात्रा और नयना बंदोपाध्याय को डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन बनाने की मांग की है। इसके अलावा फिरहाद हाकिम को चीफ व्हीप बनाने का अनुरोध किया है। अपने पत्र में कल्याण बनर्जी ने कहा कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने वेस्ट बंगाल लेजिस्लेटिव असेंबली के लिए ये अपॉइंटमेंट किए हैं। आप विधानसभा की परंपरा के आधार पर इन नियुक्तियों को मान्यता दें।

पत्र में किया ये अनुरोध

पत्र में आगे लिखा है कि कृपया ध्यान दें कि वर्ष 2001 में हमारी पार्टी ने स्वर्गीय पंकज बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने की सिफारिश की थी। जिसे तत्कालीन माननीय अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया था। इसी प्रकार, वर्ष 2006, 2011, 2016 और 2021 में भी इसी प्रथा और प्रक्रिया का पालन किया गया था। वर्ष 2021 में, बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी का नाम नेता प्रतिपक्ष के रूप में प्रस्तावित किया था। इसे भी तत्कालीन माननीय अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया था।

ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा किया था निष्कासित

बता दें कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा को पार्टी से निकाल दिया था। इन दोनों विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण निष्कासित किया गया था। ऋतब्रत बनर्जी उलुबेरिया पूर्व से तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं, जबकि संदीपान साहा एंटाली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ऋतब्रत बनर्जी ने दी थी चुनौत

टीएमसी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने मंगलवार को सीधे तौर से अभिषेक बनर्जी की ओर से की गई नियुक्तियों को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मुझे निकाल दिया है, लेकिन मेरा मानना है कि मैं अब भी TMC के साथ हूं। पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा में अभिषेक बनर्जी की कोई हैसियत नहीं है। जहां तक हावड़ा की बात है, टीएमसी के ज़्यादातर विधायक मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई में होने वाली प्रशासनिक बैठकों में शामिल होते रहेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here