नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मंगलवार को 12 राज्यों में से पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी। इन सभी राज्यों में एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण किया जा रहा है। पांच राज्यों की जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सबसे अधिक नाम पश्चिम बंगाल में कटे हैं। यहां 58 लाख 20 हजार 899 वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
इनमें 24 लाख 16 हजार वोटरों की डेथ हो चुकी है, 32 लाख 65 हजार पश्चिम बंगाल से बाहर परमानेंट शिफ्ट हो चुके हैं और एक लाख 38 हजार से अधिक वोटरों के राज्य के अंदर ही दो या इससे अधिक जगह वोटर कार्ड बने पाए गए। इन सभी के नाम काट दिए गए हैं।
15 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियों का मौका
चुनाव आयोग का कहना है कि अब अगले साल 15 जनवरी तक दावे और आपत्तियों का दौर चलेगा। जिस भी वोटर का नाम गलत कट गया है। वह इसकी शिकायत कर सकते हैं। उनका नाम 14 फरवरी को पब्लिश होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में जुड़ जाएगा। पश्चिम बंगाल में ही 85 लाख से अधिक वोटरों के नाम राज्य की 2002 में हुई एसआईआर वाली वोटर लिस्ट से नहीं मिले। इनके समेत अन्य ऐसे वोटर हैं।
जिन्हें नोटिस भेजकर इन विसंगतियों के बारे में जानकारी ली जाएगी। काफी वोटर लापता भी मिले हैं। जो पहले यहां रहते थे, लेकिन एसआईआर के दौरान अचानक लापता हो गए। इन सभी का डेटा भी आयोग इकट्ठा कर रहा है।
SIR में किस राज्य में कितने कटे नाम
इसके अलावा अन्य चार राज्यों में लक्षद्वीप में 1429, गोवा की वोटर लिस्ट से एक लाख 42, राजस्थान की वोटर लिस्ट से 41 लाख 84 हजार 819 और पुडुचेरी से एक लाख तीन हजार 467 वोटरों के नाम डिलीट किए गए। डिलीट किए गए वोटरों में मृत, परमानेंट शिफ्ट, लापता और डुप्लिकेट वोटरों के नाम हटाए गए हैं।











