बांग्लादेश में शेख हसीना के विरोधी नेता उस्मान हादी का शव शुक्रवार शाम सिंगापुर से ढाका पहुंचा। इस बीच ढाका में आंदोलनकारी फिर हिंसक हो गए और उदिची संस्था के कार्यालय को जला दिया। ये संस्था कट्टरपंथियों के विरोध में काम करती है।
बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, हत्यारों को ट्रांसपोर्टेशन में सपोर्ट करने वाले आरोपियों ने अदालत में हत्या के मुख्य आरोपी फैसल करीम के भारत भागने का दावा किया है।
इधर भारतीय सेना भी एक्टिव हो गई है और बांग्लादेश के हालात पर नजर बनाए हुए है। ईस्टर्न कमांड प्रमुख ले. जनरल आरसी तिवारी ने गुरुवार शाम भारत-बांग्लादेश सीमा का दौरा किया है।
इससे पहले उस्मान हादी की गुरुवार रात उनकी मौत हो गई। इसके बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान आंदोलनकारियों ने ढाका में 2 प्रमुख मीडिया हाउस, आवामी लीग के कार्यालय को फूंक दिया।

हिंदू युवक की पीटकर हत्या,पेड़ पर लटकाकर जलाया
ढाका के नजदीक भालुका में धर्म का अपमान करने के आरोप में एक हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला। बीबीसी बांग्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, युवक के शव को नग्न करके एक पेड़ से लटका कर आग लगा दी।
मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में की गई है। पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार रात भालुका में हुई। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें लोग ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते दिख रहे हैं।

हिंसा की 10 तस्वीरें…










बांग्लादेश में हिंसा के बीच हादी बांग्लादेश गूगल पर ट्रेंड कर रहा है…

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लाइव अपडेट्स
ढाका में उदिची कार्यालय में आगजनी

ढाका की टोपखाना रोड पर स्थित उदिची शिल्पी गोष्ठी के कार्यालय में शुक्रवार शाम आगजनी की गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे कुछ लोग जबरन कार्यालय में घुस आए, तोड़फोड़ की और फिर आग लगा दी। आग लगते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही फायर सर्विस की एक टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने की कोशिश शुरू की।
उदिची क्यों अहम है?
1968 में स्थापित उदिची शिल्पी गोष्ठी बांग्लादेश का एक प्रमुख सांस्कृतिक संगठन है। यह प्रगतिशील कला, संगीत और रंगमंच को बढ़ावा देता रहा है। उदिची लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी और मानवाधिकारों से जुड़े आंदोलनों में भी सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
यूनुस बोले- बांग्लादेश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं
बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस ने शुक्रवार को छात्र नेता उस्मान की मौत के बाद भड़की हिंसक प्रदर्शनों के बीच एक हिंदू व्यक्ति की पिटाई और हत्या की कड़ी निंदा की। यूनुस ने जोर देकर कहा कि ‘नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है’। उन्होंने कहा कि इस अपराध में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
हादी के शव को नजरुल इस्लाम की समाधि के पास दफनाया जाएगा
उस्मान हादी के शव को शनिवार को राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की समाधि के पास दफनाया जाएगा। यह जानकारी ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन (DUCSU) की मुक्ति संग्राम और लोकतांत्रिक आंदोलन सचिव फातिमा तसनीम जुमा ने दी।
उस्मान हादी का शव बांग्लादेश पहुंचा

उस्मान हादी का शव शुक्रवार शाम ढाका पहुंचा। हादी का शव लेकर आ रही फ्लाइट बांग्लदेशी समय के मुताबिक शाम 5:50 बजे ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी।
बांग्लादेश सरकार ने पत्रकारों पर हमलों की निंदा की
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देश में हाल ही में हुई हिंसा और पत्रकारों पर हमलों की कड़ी निंदा की है। सरकार ने कहा कि वह हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की हर घटना की साफ और बिना किसी शर्त के निंदा करती है।
सरकार ने बताया कि इस समय बांग्लादेश एक ऐतिहासिक लोकतांत्रिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जिसे नफरत और अराजकता से नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। अंतरिम सरकार ने लोगों से अपील की कि वे भीड़ की हिंसा का विरोध करें। सरकार ने कहा कि कुछ कट्टर और हाशिए पर मौजूद तत्व देश को अस्थिर करना चाहते हैं।
सिंगापुर में मस्जिद के बाहर जमा हुए बांग्लादेशी

बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी के शव को देखने के लिए सिंगापुर में लोग अंगुलिया मस्जिद के बाहर जमा हुए हैं।
शाहाबाद में लोगों की भीड़ फिर जुटनी शुरू
हादी की मौत के विरोध में शुक्रवार को राजधानी के विभिन्न हिस्सों से छात्र और आम लोग शाहबाग चौराहे पर इकट्ठा होते नजर आए। प्रदर्शनकारी छात्र झंडे लिए हुए हैं। वे ‘हम हादी भाई के खून को बर्बाद नहीं जाने देंगे।’ जैसे नारे लगा रहे हैं। छात्र अशफकुर रहमान शनि बोले, ‘हमने एक सच्चे देशभक्त को खो दिया है। मुझे रात को नींद नहीं आई। मैं सुबह विरोध प्रदर्शन करने यहां आया हूं। शहीद उस्मान हादी जैसे देशभक्त और बहादुर शख्स के चले जाने से हम बेहद दुखी हैं।’










