महाराष्ट्र निकाय चुनाव में बड़ा सियासी फेरबदल, अजित ने शरद से मिलाया हाथ

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य का सियासी पारा चढ़ने लगा है। डिप्टी सीएम अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड में अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP(SP) से गठबंधन करने की घोषणा की है। NCP का विभाजन होने के 2 साल बाद दोनों पार्टियों ने पहली बार हाथ मिलाया है।

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महाराष्ट्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा, “पिंपरी चिंचवड नगर निगम चुनावों में ‘घड़ी’ और ‘तुरहा’ एक हो गए हैं। परिवार एकजुट हो गया है।” बता दें कि अजित पवार की NCP का चुनाव चिह्न घड़ी और शरद पवार की NCP(SP) का चुनाव चिह्न तुरहा है।

2 साल पहले हुए थे अलग

पार्टी के विभाजन से पहले NCP का चुनाव चिह्न घड़ी ही था, लेकिन दो साल पहले दोनों पार्टियां अलग हुईं तो चुनाव आयोग ने ‘घड़ी’ का चुनाव चिह्न अजित पवार की NCP को दे दिया और शरद पवार ने पार्टी का नया चुनाव चिह्न ‘तुरहा’ को चुना।

चाचा-भतीजे की जोड़ी 2 साल बाद एक-साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। 2023 में पार्टी टूटने के बाद अजित पवार बीजेपी के नेतृ्त्व वाली महायुति में शामिल हो गए थे। वहीं, शरद पवार के गुट ने विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) से हाथ मिला लिया था।

NCP का गढ़ है पुणे

पुणे को पवार परिवार का गढ़ कहा जाता है। वहीं, बृह्नमुंबई नगर निगम (BMC) के बाद पिंपरी चिंचवड नगर निगम को सबसे समृद्ध माना जाता है। 2017 से यहां NCP का कब्जा रहा है। यही वजह है कि पार्टी टूटने के बाद भी इस सीट पर अजित पवार और शरद पवार ने एक-साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

अजित पवार ने क्या कहा?

चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अजित पवार ने सभी कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत करते हुए किसी भी तरह की विवादित टिप्पणी न करने का आदेश दिया है। अजित पवार ने कहा, “कई लोगों ने इस नगर निगम को कर्ज में डुबा दिया, हम उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा देंगे। हम लोगों के विकास के लिए काम करेंगे।”

पिपंरी-चिंचवाड़ और पुणे समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगम में 15 जनवरी को मतदान होंगे। इसके नतीजे अगले दिन यानी 16 जनवरी को जारी किए जाएंगे। वहीं, नामांकन करने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर निर्धारित की गई है।

शिंदे गुट ने की आलोचना

अजित पवार और शरद पवार के गठबंधन पर कई सियासी हस्तियों ने प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया है। भाजपा नेता नवनीत राणा के अनुसार, “अजित पवार, शरद पवार के ही कहने पर भाजपा में शामिल हुए थे। हमें खुशी है कि वो एकजुट हो गए हैं। मुझे उम्मीद है कि शरद पवार भी जल्द महायुति में शामिल हो जाएंगे।”

एकनाथ शिंदे की पार्टी ने इस गठबंधन की आलोचना करते हुए कहा, वो बेशक एक-साथ आ सकते हैं, लेकिन लोग पवार नाम पर मतदान नहीं करेंगे। महाराष्ट्र में नाम की राजनीति अब नहीं चलेगी।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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