‘हैप्पी न्यू ईयर…’, हाथ में हथकड़ी लगाए मादुरो की आई पहली प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को लगभग 24 घंटे पूरे होने वाले हैं। इसी बीच राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पहली झलक देखने को मिली है। अमेरिकी सेना ने उनका एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्हें ‘गुड नाइट’ और ‘हैप्पी न्यू ईयर’ कहते सुना जा सकता है।

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ये वीडियो न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के मुख्यालय क अंदर का है। निकोलस मादुरो को अमेरिकी अधिकारियों ने पकड़ रखा है। वीडियो अमेरिका की रैपिड रिस्पांस 47 ने शेयर किया है।

हथकड़ी में मादुरो

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि 63 वर्षीय मादुरो के हाथों में हथकड़ी लगी है और उन्होंने काले रंग की हुडी वाली स्वेटशर्ट पहनी है। फर्श पर “DEA NYD” का नीला कालीन बिछा है। वहीं, मादुरो सभी अधिकारियों को ‘गुड नाइट’ और ‘हैप्पी न्यू ईयर’ कहते हुए जा रहे हैं।

न्यूयॉर्क हवाई अड्डे पर दिखे थे मादुरो

न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे से मादुरो का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्हें प्लेन से उतरते हुए देखा जा सकता है। मादुरो और उनकी पत्नी पर “नारको आतंकवाद” का आरोप लगा है। उनपर अमेरिका में कोकीन और अवैध हथियारों की तस्करी का आरोप लगाया गया है।

‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’

मादुरो को DEA कार्यालय से ब्रुकलिन स्थित फेडरेल जेल में ले जाया गया है। बता दें कि अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत वेनेजुएला की राजधानी काराकास में 150 से ज्यादा लड़ाकू विमान भेजे और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो समेत उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकी सेना ने 30 मिनट के भीतर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया और न्यूयॉर्क वापस लौट गए।

वेनेजुएला के खिलाफ ट्रंप की कार्रवाई से पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलसमादुरो और उनकी पत्नी सिलियाफ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना पर दुनिया भर के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

 मादुरो और उनकी पत्नी को काराकास से न्यूयॉर्क ले जाया गया है। रूस और चीन जैसे देशों ने अमेरिका के हमले की सख्त आलोचना की है। वहीं, कुछ देशों ने ट्रंप के फैसले को सही ठहराया है।

रूस-चीन ने की आलोचना

रूस के विदेश मंत्रालय ने मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करने की अपील करते हुए कहा कि अमेरिका को अपने फैसले पर फिर से सोचना चाहिए। रूस का कहना है कि दोनों देशों के बीच सभी विवादों का हल बातचीत से निकाला जा सकता है।

चीन ने अमेरिका के इस कदम को तानाशाही करार दिया है। चीन का कहना है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन किया है। वेनेजुएला एक संप्रभु देश है, जिसके राष्ट्रपति को खुलेआम बंदी बना लिया गया है। यह पूरी तरह से गलत है।

Venezuela

फोटो – पीटीआई

 किसने किया समर्थन?

अर्जेंटीना और इक्वाडोर समेत एलनमस्क ने भी ट्रंप के इस कदम का समर्थन किया है। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियरमिलेई ने कहा, “आजादी जिंदाबाद

इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियलनोबोआ ने कहा, “नार्कोचाविस्टा अपराधियों का साम्राज्य ढहने वाला है।” टेस्ला के सीईओएलनमस्क ने इस मामले पर ट्वीट शेयर करते हुए कहा, “बधाई हो, राष्ट्रपति ट्रंप। ये पूरी दुनिया की जीत है। खासकर तानाशाहों को ये साफ संदेश है।”

 इटली की पीएम मेलोनी ने क्या कहा?

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जियामेलोनी ने ट्रंप के कदम पर मिल जुली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “वेनेजुएला में जो कुछ भी हो रहा है, उसपर मैंने बारीकी से नजर रखी है। इटली ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर कभी मादुरो की चुनावी जीत को मान्यता नहीं दी थी। हमने मादुरो के बुरे कामों की हमेशा निंदा की है। मगर, हमारा मानना है कि इसे खत्म करने के लिए सैन्य कार्रवाई करना सही रास्ता नहीं है। वहीं, अगर बात अपने देश की सुरक्षा की हो, तो हाइब्रिड हमलों को वैध ठहराया जा सकता है। वेनेजुएला ड्रग्स तस्करी क बढ़ावा दे रहा था। ऐसे में देश की सुरक्षा किसी भी सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”

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फोटो – रायटर्स

अन्य देशों की प्रतिक्रिया

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइजइनासियो लूला द सिल्वा ने अमेरिका के इस कदम को गलत ठहराया है। उनका कहना है कि ये वेनेजुएला की संप्रभुता पर गहरा अघात है। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का भी प्रस्ताव दिया है।

यूरोपियन यूनियन ने भी अमेरिका और वेनेजुएला से संयम बरतने की अपील की है। ईयू की विदेश नीति की प्रमुख काजाकालास ने कहा कि दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का सम्मान करना चाहिए।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के अनुसार, “अमेरिका के इस कदम में ब्रिटेन का कोई हाथ नहीं है। अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन होना चाहिए। हम मादुरो को अवैध राष्ट्रपति मानते रहे हैं। इसलिए वेनेजुएला में शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण होना चाहिए।”

फ्रांस के राष्ट्रपति एंथनीअल्बनीज का कहना है, “वेनेजुएला की स्थिति को लेकर हम लंबे समय से चिंतित रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून का भी पालन होना चाहिए। हम दोनों पक्षों से क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने की अपील करते हैं।”

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