ट्रंप ने भड़काई चिंगारी, विश्व युद्ध के बन सकते हैं हालात, एक्सपर्ट ने चेताया

काराकास: वेनेजुएला में शनिवार तड़के हुए घटनाक्रम ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है। अमेरिका सेना ने वेनेजुएला की राजधानी में भीषण हमले किए हैं और देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को परिवार समेत अगवा कर लिया है। निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क लाया गया है। अमेरिका का कहना है कि मादुरो पर ड्रग्स तस्करी के मामले में मुकदमा चलाया जाएगा। दुनिया में अमेरिका के इस कदम की आलोचना हो रही है तो ट्रंप प्रशान के लोग इसे अपने दुश्मनों के लिए चेतावनी कह रहे हैं। वहीं एक्सपर्ट इसे एक बड़े खतरे की आहट करार दे रहे हैं।

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संडे गार्जियन के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमला करके एक ऐसे युद्ध की शुरुआत कर दी है, जिसे नियंत्रित करना अब उनके लिए भी मुश्किल होगा। एक्सपर्ट का कहना है कि ट्रंप का लक्ष्य वेनेजुएला के विशाल तेल और खनिज भंडार हैं। वेनेजुएला के पास दुनिया में सबसे बड़ा तेल भंडार है, जिसे ट्रंप हथियाना चाहते हैं।

रूस-चीन को झटका

एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिकी प्रशासन मादुरो के स्थान पर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो को लाकर वेनेजुएला के खनिज संसाधनों तक पहुंच सुरक्षित करने के अपने मिशन में सफल होता है तो यह पूरे दक्षिण अमेरिका में चीनी और रूसी हितों के लिए झटका होगा। मादुरो के चीन और रूस, दोनों से अच्छे संबंध रहे हैं। हालांकि दोनों देश अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा से ज्यादा कुछ करने में अभी नाकाम है।

वेनेजुएला पर कार्रवाई करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ना केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक भू-राजनीति को भी उलट-पुल दिया है। खासतौर से शी जिनपिंग पर यह नजर रहेगी कि क्या वह यह बर्दाश्त करते हैं कि ट्रंप बलपूर्वक एक चीनी सहयोगी पर कब्जा कर लें। चीन के अलावा रूस भी अमेरिका को रोकना चाहेंगे।

विश्व युद्ध जैसी बनेगी स्थिति

चीन और रूस दक्षिण अमेरिकी जल में अगर ट्रंप को चुनौती देते हैं तो यह विश्व युद्ध जैसी स्थिति का भी कारण बन सकता है। यूक्रेन युद्ध और उसके नतीजों ने दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को हिला दिया है तो वेनेजुएला पर ट्रंप के युद्ध के परिणाम और भी बुरे हो सकते हैं। इसकी चपेट में दुनिया का बड़ा हिस्सा आ सकता है।

रिपोर्ट कहती है कि दुनियाभर के नेताओं को यह सोचना होगा कि ट्रंप की उथल-पुथल से कैसे बाहर निकला जाए। वेनेजुएला की कहानी के नतीजे आने वले दिनों में सामने आएंगे। इतना साफ है कि ट्रंप युद्ध के लिए भी युद्ध की इस राह से लौटना बहुत मुश्किल होगा। दुनिया में आने वाले समय में तनातनी का अंदेशा बेबुनियाद नहीं है।

अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर हमला कर इस देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इसके बाद भी वेनेजुएला में उच्च पदों पर बैठे लोग मादुरो के समर्थन में हैं और उन्हें ही अपना राष्ट्रपति मान रहे हैं।

वेनेजुएला की शीर्ष अदालत ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाने का आदेश दिया है। लेकिन डेल्सी का कहना है कि मादुरो ही वेनेजुएला के एकमात्र राष्ट्रपति हैं।

मादुरो की वेनेजुएला पर पकड़

डेल्सी रोड्रिग्ज अपने भाई और राष्ट्रीय सभा के प्रमुख जॉर्ज रोड्रिगेज, आंतरिक मंत्री डियोसडाडो कैबेलो और रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज के साथ राज्य टेलीविजन पर आईं और उन्होंने कहा कि निकोलस मादुरो ही वेनेजुएला के एकमात्र राष्ट्रपति बने हुए हैं।

डेल्सी रोड्रिग्ज ने यह बयान तब दिया, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने डेल्सी के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने की बात कही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बताया था कि उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद शपथ ले ली है और उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी बात की है। ट्रंप ने यह भी कहा कि डेल्सी ही वेनेजुएला में सत्ता की बागडोर संभालेंगी।

डेल्सी रोड्रिग्ज बनीं अंतरिम राष्ट्रपति

वेनेजुएला के संविधान के अनुसार भी निकोलस मादुरो की अनुपस्थिति में रोड्रिग्ज देश की अंतरिम राष्ट्रपति बनाई गई हैं। वेनेजुएला की शीर्ष अदालत ने भी शनिवार देर रात उन्हें यह पदभार संभालने का आदेश दिया।

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