शाहजहांपुर। समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान मऊ निवासी राजेश कुमार ने गरीब बुजुर्गों की पेंशन हड़पकर वाहन और मकान खरीदे, लेकिन जांच में फंस गया। नौकरी गई और अब संपत्ति भी उसकी न रही। तीन वर्ष पूर्व हुए ढाई करोड़ रुपये के घोटाले में जिला मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को उसकी चल अचल संपत्ति को कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए।
गिरोहबंद अधिनियम के तहत की गई इस कार्रवाई में तीन कार, सीतापुर में कृषि भूमि व लखनऊ में दो भवन की कुर्की होगी। इनकी कुल कीमत साढ़े चार करोड़ रुपये आंकी गई है। राजेश को तीन माह पूर्व शासन ने बर्खास्त किया था। फिलहाल वह हाईकोर्ट से जमानत पर जेल से बाहर है।
समाज कल्याण विभाग से बुजुर्गों को प्रतिमाह एक हजार रुपये पेंशन दी जाती है। धनराशि बहुत अधिक तो नहीं है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर उन बुजुर्गों के दैनिक खर्चों के लिए पर्याप्त है, जो अब अपने बच्चों के सहारे हैं, लेकिन राजेश कुमार की नजर इन गरीबों को मिलने वाली इस मद पर लग गई।
उसने साथियों के साथ फर्जी खाते खुलवाए। उसके बाद 2,390 बुजुर्गों की पेंशन उन खातों में ट्रांसफर करा दी। पेंशन न मिलने की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंचीं, तो पूर्व डीएम उमेश प्रताप सिंह ने जांच कराई। तब तक वह पेंशन के दो करोड़ 52 लाख 39 हजार रुपये हड़प चुका था। इस रकम से उसने अपने व पत्नी, बेटे के नाम पर वाहन और मकान खरीदे।
जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद राजेश को निलंबित कर दिया गया। सितंबर 2023 में उसके विरुद्ध सदर बाजार थाने में फर्जीवाड़े की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उसके साथ सीतापुर निवासी विशाल सक्सेना, सूरज, खुशाल सहित नौ लोग नामजद किए गए थे। इसमें गिरफ्तारी भी हुईं। वर्ष 2024 में राजेश भी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जेल चला गया।
वहीं, नौ नवंबर 2025 को शासन ने उसे बर्खास्त कर दिया। जिला मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इस मामले में बुधवार को उप्र गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 14 (1) के तहत राजेश की चार करोड़ 49 लाख 24 हजार 948 रुपये की चल अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया।
इसमें तीन कार, सीतापुर के इटौरिया में कृषि भूमि व उसकी पत्नी मंगीता सिंह के नाम पर लखनऊ के ग्राम पारा में खरीदा गया भवन व काकोरी में बना गेस्ट हाउस शामिल हैं। रामचंद्र मिशन थाना के प्रभारी निरीक्षक को लखनऊ व सीतापुर के जिला मजिस्ट्रेट और एसपी से संपर्क करके कुर्की की कार्रवाई कराने के निर्देश दिए हैं।













