बांदा। नोएडा के स्क्रैप माफिया व गैंग्स्टर रविंद्र नागर उर्फ रवि काना को न्यायालय के बिना किसी वैध आदेश के जिला कारागार बांदा से रिहा किए जाने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। जेलर के निलंबन के पांचवें दिन अब जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम को भी बुधवार शाम निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई विशेष सचिव कारागार अनीता वर्मा द्वारा की गई। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबित हुए जेल अधीक्षक को कारागार लखनऊ मुख्यालय में संबंद्ध किया गया है।
दादूपुर, दनकौर, ग्रेटर नोएडा निवासी स्क्रैप माफिया व कुख्यात गैंग्स्टर रविंद्र नागर उर्फ रवि काना गौतमबुद्ध नगर की जेल से अगस्त 2024 में बांदा की मंडल कारागार जेल स्थानांतरित किया गया था। लेकिन मंडल कारागार जेल से गुरुवार शाम 6:39 बजे माफिया की रिहाई कर दी गई थी। जिसमें गौतमबुद्धनगर की सीजेएम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब करते हुए पूछा था, कि जब आरोपित पर रंगदारी मांगने का मुकदमा विचाराधीन था तो उसकी रिहाई कैसे कर दी गई।
डीजी पीसी मीणा कारागार लखनऊ ने जेलर विक्रम सिंह यादव को शुक्रवार को निलंबित किया था। साथ ही नोएडा से माफिया की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। डीजी कारागार लखनऊ पीसी मीणा ने मामले की प्रारंभिक जांच डीआइजी जेल प्रयागराज जोन राजेश श्रीवास्तव को करने के लिए निर्देश दिए थे। जिसको लेकर डीआइजी जेल रविवार शाम साढ़े पांच बजे बांदा मंडल कारागार पहुंचे थे। जहां उन्होंने माफिया रवि काना व उसकी रिहाई से संबंधित दस्तावेजों की फोटो कापी व फुटेज आदि साक्ष्य संकलित किए थे।
इस बीच उन्होंने अधीक्षक के लिखित बयान का कागज साथ ले गए थे। सूत्रों की मानें तो उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट डीजी कारागार को भेजी है। जिसके बाद विशेष सचिव कारागार ने जेल अधीक्षक अनिल सिंह गौतम को भी बुधवार शाम उनको निलंबित किए जाने का पत्र भेजा है। साथ ही लखनऊ कारागार निदेशालय संबंध किए जाने की बात भी पत्र में दिया गया है। हालांकि, इस संबंध में निलंबित हुए जेल अधीक्षक का कहना है कि माफिया को लेकर न्यायालय से निरुद्धता या कस्टडी से संबंधित कोई आदेश समय पर प्राप्त नहीं हुआ था, इसलिए नियमित प्रक्रिया के तहत रिहाई की गई थी।
जेल अधीक्षक के अनुसार रात करीब आठ बजे कस्टडी में रखने का आदेश मिला, लेकिन तब तक रवि काना जेल से जा चुका था। मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने अब दोनों अधिकारियों को निलंबित कर जांच तेज कर दी है।













