कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में गलगोटिया विश्वविद्यालय द्वारा चीन में निर्मित ‘रोबोट’ को प्रदर्शित किए जाने का हवाला देते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को ‘चाइना बाजार’ में तब्दील कर दिया गया है। खेड़ा ने कहा, ‘‘अश्विनी वैष्णव ने साबित कर दिया है कि भारत में एआई का मतलब है ‘‘अश्विनी इन्कॉम्पिटें’’। इसे AI समिट होना था – इनोवेशन और आइडिया के लेन-देन का एक प्लेटफॉर्म। बीजेपी ने इसे सस्ते चाइना बाज़ार में बदल दिया।’’
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस विवाद को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत की प्रतिभा और डेटा का उपयोग करने के बजाय, एआई शिखर सम्मेलन अव्यवस्थित तरीके से पीआर का तमाशा बन गया है। भारतीय डेटा बिक्री के लिए उपलब्ध है और चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।’’
दरअसल एक दिन पहले गलगोटिया विश्वविद्यालय ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में 350 करोड़ रुपये की एआई परियोजनाओं और एक ‘रोबोटिक कुत्ते’ का प्रदर्शन किया। लेकिन ‘ओरायन’ नाम का यह रोबोट चीन निर्मित पाया गया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया, जिससे यूनिवर्सिटी पर सवाल उठने के साथ ही सरकार की भी भारी किरकिरी हुई।










