नई दिल्ली। कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े प्रकरण में ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य प्रिंस एंड्र्यू को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की पुष्टि थेम्स वैली पुलिस ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर की।
पुलिस के अनुसार, एंड्र्यू को पूर्वी इंग्लैंड स्थित एस्टेट के वुड फार्म आवास से हिरासत में लिया गया। कार्रवाई के दौरान सादे कपड़ों में अधिकारी बिना चिह्नित वाहनों से पहुंचे। आधिकारिक बयान में पुलिस ने नियमानुसार नाम उजागर नहीं किया और उन्हें ‘पूर्व राजकुमार’ के रूप में संबोधित किया।
प्रिंस एंड्रयू को एपस्टीन मामले में गिरफ्तार किया गया
पुलिस ने यह भी बताया कि बर्कशायर स्थित उनके पूर्व निवास पर तलाशी की कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि गिरफ्तारी ऐसे दिन हुई जब एंड्र्यू अपना 66वां जन्मदिन मना रहे थे। एपस्टीन फाइल्स के सामने आने के बाद से ये अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
एंड्र्यू पर आरोप है कि उन्होंने 2010 में ब्रिटेन के व्यापार मामलों के विशेष दूत के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुछ आधिकारिक एवं गोपनीय दस्तावेज जेफ्री एपस्टीन के साथ साझा किए। ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय, जो उनके बड़े भाई हैं, ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा कि कानून अपना काम करेगा।
एपस्टीन से पुराने संबंधों पर विवाद
एंड्र्यू, दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के दूसरे पुत्र हैं। वह पहले भी एपस्टीन से निकट संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। एपस्टीन फाइल्स में उनकी अभद्र तस्वीरों के अलावा एक महिला ने आरोप लगाया था कि एपस्टीन उसे 2010 में तत्कालीन प्रिंस एंड्र्यू के साथ यौन संबंध बनाने के लिए ब्रिटेन ले गया था। महिला का दावा था कि वह विंडसर कैसल एस्टेट स्थित एंड्र्यू के शाही निवास में गई थी।
वर्ष 2019 में एपस्टीन मामले पर दिए गए एक टेलीविजन साक्षात्कार के बाद एंड्र्यू ने सार्वजनिक शाही दायित्वों से खुद को अलग कर लिया था। 2022 में अमेरिकी नागरिक वर्जीनिया जियुफ्रे द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़े दीवानी मुकदमे का निपटारा उन्होंने अदालत के बाहर समझौते के जरिए किया था, हालांकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया था।
एपस्टीन को 2008 में नाबालिग को वेश्यावृत्ति में धकेलने के मामले में दोषी ठहराया गया था। 2019 में संघीय यौन तस्करी के आरोपों में गिरफ्तारी के बाद न्यूयार्क की जेल में उसकी मृत्यु हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। बेटियों पर आंच नहीं पिछले वर्षों में विवादों के बाद उनसे सैन्य उपाधियां और शाही संरक्षण वापस ले लिए गए थे। ‘ ड्यूक आफ यार्क’ की मानद भूमिकाएं भी उनसे ले ली गई थीं। उनके परिवार में दो बेटियां हैं, जिनकी राजकुमारी की उपाधि यथावत है।
क्राउन कोर्ट में सुनवाई
मामले की सुनवाई क्राउन कोर्ट में होगी, जहां गंभीर आपराधिक मामलों की जूरी के समक्ष सुनवाई की जाती है। दोष सिद्ध होने की स्थिति में उन्हें कठोर दंड, जिसमें अधिकतम उम्रकैद भी शामिल है, का सामना करना पड़ सकता है। इस कोर्ट ने 350 साल बाद 2001 में एंड्र्यू की बहन राजकुमारी एनी के खिलाफ फैसला सुनाया था।
उन पर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने पर जुर्माना लगाया गया था और एक अन्य मामले में एनी पर अपने कुत्ते पर नियंत्रण न रख पाने का दोष साबित हुआ था। उनके कुत्ते, डाटी, ने दो बच्चों को काट लिया था। इससे पहले 1649 में ¨कग चार्ल्स प्रथम पर ‘इंग्लिश सिविल वार’ के बाद चोरी का आरोप लगा था। उनको फांसी की सजा सुनाई गई थी और उनका सिर कलम कर दिया गया था।










