नई दिल्ली: भारत बड़ा दांव लगाने को तैयार है। वह दक्षिण अमेरिकी देशों के व्यापारिक समूह ‘मर्कोसुर’ के साथ तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) के विस्तार पर काम कर रहा है। इसका मकसद दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार और निवेश को और अधिक बढ़ावा देना है। ‘मर्कोसुर’ में ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे और पराग्वे शामिल हैं। भारत और मर्कोसुर के बीच पीटीए एक जून, 2009 को लागू हुआ था। यह और बात है कि अभी इसका दायरा सीमित है। इसमें सिर्फ 450 उत्पाद ही शामिल हैं। अब दोनों पक्ष इसे एक पूर्ण व्यापार समझौते में बदलने पर विचार कर रहे हैं। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पीयूष गोयल ने कहा कि मर्कोसुर क्षेत्र भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ रहा है। लेकिन, यह अभी भी उम्मीद से कम है। 2025 में यह व्यापार 25% बढ़कर 15 अरब डॉलर से अधिक हो गया। गोयल ने कहा, ‘हमें और भी ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत है।’ ब्राजील लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर भारत
दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, कृषि और एग्रोकेमिकल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। इसके अलावा, स्वास्थ्य, फार्मा, रिन्यूएबल एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा और विमानन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है। मंत्री ने ब्राजील के व्यवसायों को भारत में निवेश के अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया।
गोयल ने उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम में बताया कि भारत अगले दो सालों में जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। यह विकास टैक्स, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार और व्यापार को आसान बनाने के कारण हो रहा है।
गोयल ने कहा, ‘जब हम ब्राजील के बारे में सोचते हैं तो हमें उसके समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, जैसे कि नियोबियम, लिथियम और लौह अयस्क की याद आती है, जो भविष्य की तकनीक और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण हैं।’
ब्राजील के एयरोस्पेस, ऑटोमोटिव और डिजिटल टेक्नोलॉजी उद्योग तेजी से विकसित हो रहे हैं, जो सहयोग के लिए भरपूर अवसर प्रदान करते हैं।
गोयल ने कहा, ‘यह सब मिलकर ब्राजील को वैश्विक सप्लाई चेन में हमारा रणनीतिक भागीदार बनाता है। साथ मिलकर हम संसाधनों, इनोवेशन और दूरदर्शी सोच के साथ ग्लोबल सप्लाई या वैल्यू चेन को नया आकार देने की क्षमता रखते हैं।’
20 अरब डॉलर का टारगेट
भारत और ब्राजील ने शनिवार को अगले पांच सालों में द्विपक्षीय व्यापार का सालाना टारगेट 20 अरब डॉलर तय किया। साथ ही, महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता भी किया। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के बीच व्यापक बातचीत के बाद हुआ।
ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, ‘यह बहुत अच्छी बढ़ोतरी है। लेकिन, ब्राजील और भारत के आकार को देखते हुए यह अभी भी बहुत ज्यादा नहीं है।’
सिल्वा ने यह भी कहा कि दोनों देश अब यूरोप, अमेरिका, जापान और चीन जैसे बड़े देशों से आगे देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार 30 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
राष्ट्रपति बोले, ‘हमने इसे बदलने का फैसला किया है क्योंकि ब्राजील और भारत के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और तकनीकी एकीकरण की क्षमता बहुत ज्यादा है।’ उन्होंने यह भी कहा कि व्यवसायों को व्यापार इंटर्न के लिए वीजा की वैधता पांच से बढ़ाकर दस साल करने से फायदा होगा।











