भोपाल: देश के सबसे चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत केस में सीबीआई जांच के दौरान नया ट्विस्ट आया है। वह सीबीआई हिरासत के दौरान जापानी लेखक की एक मर्डर मिस्ट्री से जुड़ी थ्रिलर उपन्यास पढ़ रहा है। बता दें कि पहले पुलिस और अब सीबीआई ने उसे कस्टडी के दौरान फ्री टाइम में पुस्तक पढ़ने की परमिशन दी है।
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में जांच से ज्यादा चर्चा अब आरोपी समर्थ सिंह की पढ़ी जा रही किताब को लेकर हो रही है। CBI कस्टडी में समर्थ जिस जापानी उपन्यास ‘बटर’ को पढ़ रहा है, उसकी कहानी भी हत्या के आरोप, मनोवैज्ञानिक परतों और कानूनी लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है। ऐसे में यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह सिर्फ एक पसंदीदा क्राइम थ्रिलर है या फिर अपराध और न्याय व्यवस्था को समझने की उसकी पुरानी रुचि का हिस्सा। समर्थ फिलहाल सीबीआई की 5 दिनों की रिमांड पर चल रहा है।
- ट्विशा केस का आरोपी समर्थ सिंह CBI हिरासत में ‘बटर’ उपन्यास पढ़ रहा
- ‘बटर’ जापानी लेखिका आसाको युजुकी की चर्चित क्राइम थ्रिलर
- उपन्यास की कहानी हत्या के आरोप और मनोवैज्ञानिक रहस्यों पर आधारित
- समर्थ गिरफ्तारी के बाद से किताब का बड़ा हिस्सा पढ़ चुका है।
- केस के बीच इस किताब को पढ़ना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया
‘बटर’ उपन्यास और समर्थ का खास कनेक्शन क्या है
दरअसल, समर्थ सिंह को हिरासत में किताब पढ़ने की अनुमति मिली है और वह 22 मई की गिरफ्तारी के बाद से लगातार जापानी लेखिका आसाको युजुकी (Asako Yuzuki) का चर्चित क्राइम-थ्रिलर उपन्यास ‘बटर’ (Butter) पढ़ रहा है। सूत्रों की मानें तो वह आधी से ज्यादा किताब खत्म भी कर चुका है।
उपन्यास की कहानी का विलेन बरी हो जाता है!
‘Butter’ उपन्यास की सबसे दिलचस्प और पेचीदा बात यह है कि इसका मुख्य आरोपी पात्र तमाम कड़ियों के बाद भी अंत में अदालत से निर्दोष साबित होकर बरी हो जाता है। खुद कानून का जानकार होने के नाते, समर्थ का ऐसे समय में यह किताब पढ़ना उसके ‘माइंडसेट’ को दिखाता है।
सीरियल किलिंग से प्रेरित है कहानी उपन्यास है
बता दें कि ‘बटर’ उपन्यास जापान की एक सच्ची ‘कॉपीकैट किलर’ की घटना पर आधारित है। इसमें एक महिला कुकिंग एक्सपर्ट पर अमीर पुरुषों को लजीज खाने और इमोशनल जाल में फंसाकर जहर देकर मारने का आरोप होता है।
खुद को बचाने की ‘स्क्रिप्ट’ समझ रहा है समर्थ?
ट्विशा के परिवार ने समर्थ और उसकी मां पर प्रताड़ना और दहेज हत्या का संगीन आरोप लगाया है। ऐसे गंभीर माहौल में, जहां सीबीआई लगातार पूछताछ कर रही है, समर्थ का झुकाव अपराध और मनोविज्ञान से जुड़ी पेचीदा मर्डर मिस्ट्री की तरफ होना कई बड़े सवाल खड़े करता है। इसमें पहला सवाल है कि क्या समर्थ इस किताब के जरिए जेल और अदालत के मनोवैज्ञानिक दबाव से निपटने का तरीका ढूंढ रहा है? दूसरा सवाल जो उठ रहा है, उसमें क्या वह इस मर्डर मिस्ट्री के जरिए जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और कानूनी कमियों को समझने की कोशिश कर रहा है?
कस्टडी में मां-बेटा, सीबीआई हर एंगल पर कर रही जांच
नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की अपनी ससुराल वाले घर भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में घिरी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनका बेटा समर्थ सिंह फिलहाल 5 दिन की सीबीआई रिमांड में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समर्थ को सालों से न्याय व्यवस्था और क्राइम साइकोलॉजी से जुड़ी किताबें पढ़ने का शौक रहा है, लेकिन मौजूदा हालातों में ‘बटर’ उपन्यास की टाइमिंग ने इस केस में एक नया सस्पेंस जरूर जोड़ दिया है।










