लखनऊ में ठगों ने मकान, जमीन और अन्य संपत्ति के नाम पर तीन अलग-अलग लोगों से कुल 97 लाख रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित पक्षों की शिकायत पर पीजीआई, वजीरगंज और पारा थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामलों की तफ्तीश में जुटी है।
ठगों ने तीनों लोगों से अलग-अलग तरीके से रुपए ऐंठे हैं। पीड़ित व्यापारी को मकान दिलाने का झांसा देकर 43.50 लाख रुपए की ठगी की। वहीं दूसरे मामले में एक बुजुर्ग महिला के पति के निधन के बाद फर्जी कागज बनवाकर पत्नी बनकर संपत्ती का बैनामा कर लिया।
लोन पास कराकर बैंक के पास बंधक मकान बेचा
बाराबंकी के फतेहपुर निवासी व्यापारी संजय कुमार विश्वकर्मा ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2021 में उनकी मुलाकात पीजीआई के पंचमखेड़ा निवासी मनोज कुमार शर्मा से हुई थी। मनोज ने खुद को सेवानिवृत्ति सैन्य कर्मी बताया और कहा कि वह व उसकी पत्नी नीलम देवी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं।
आरोपी ने सरोजनीनगर स्थित अपनी साइट पर बने एक मकान को बेचने की बात कही, जिसका सौदा 43.50 लाख रुपए में तय हुआ। तय यह हुआ कि इसमें से 33.50 लाख रुपए का लोन आरोपी खुद कराएगा। व्यापारी के मुताबिक, लोन पास होने के बाद उन्होंने 43.50 लाख रुपए दंपती को दे दिए।
कब्जा लेने पहुंचे तब मिला बैंक का नोटिस
रजिस्ट्री के बाद जब 2026 में व्यापारी कब्जा लेने पहुंचे, तब उन्हें बैंक का एक नोटिस मिला। इसमें पता चला कि मकान पहले से ही बैंक के पास बंधक (मॉर्टगेज) है। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने मनोज से अपनी रकम वापस मांगी, तो उसकी पत्नी और बेटे विश्वजीत ने 10 लाख रुपए तो लौटा दिए, लेकिन शेष 33.50 लाख रुपए देने से इनकार कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने धमका कर भगा दिया।
परेशान होकर व्यापारी ने पीजीआई थाने में शिकायत दर्ज कराई। एडीसीपी दक्षिणी आर वसंथ कुमार ने बताया कि पीजीआई पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है और तफ्तीश के लिए पीड़ित से ठगी से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं।
मृत पति की संपत्ति पर फर्जी पत्नी बनकर करोड़ों की जमीन बेची
चिनहट के कमता चर्च रोड निवासी सीमा बाजपेई का कृष्णा नगर के विजय नगर में एक और मकान है। उनके पति देवेंद्र नाथ मिश्रा का निधन 26 अप्रैल 2021 को हो गया था। सीमा ने बताया कि 26 जुलाई 2022 को जब वह कृष्णा नगर स्थित अपने मकान पर गईं, तो उन्हें पता चला कि सुलतानपुर की रहने वाली रेखा देवी ने उस पर कब्जा कर लिया है।
साजिश रचकर उपनिबंधक कार्यालय में कराया बैनामा
जांच में सामने आया कि रेखा देवी ने स्वप्निल शुक्ला, सुनील कुमार शुक्ला व सतीश कुमार के साथ मिलकर गहरी साजिश रची। इसके तहत रेखा ने खुद को मृत देवेंद्र की पत्नी बताकर उनकी करोड़ों की संपत्ति का बैनामा अपने नाम करा लिया और इसे बेचकर 55 लाख रुपए हड़प लिए। यह संपत्ति का बैनामा उपनिबंधक सदर पंचम (वजीरगंज) कार्यालय में कराया गया था।
कार्रवाई न होने पर कोर्ट पहुंची
पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों से इन चारों की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश पर वजीरगंज पुलिस ने आरोपी रेखा, स्वप्निल, सुनील और सतीश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। एसीपी चौक शुभम कुमार ने बताया कि वजीरगंज पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्लॉट के नाम पर सात लाख ठगे
कानपुर रोड निवासी बांके बिहारी शर्मा के मुताबिक, उन्होंने 5 फरवरी 2015 को अपनी पत्नी नीलम के नाम पर पारा इलाके के खुशहालगंज में एक प्लॉट खरीदा था। इसकी रजिस्ट्री मौलवीगंज की रहने वाली रौशन जहां ने की थी, जिसके बदले उसने सात लाख रुपए लिए थे।
बांके बिहारी का आरोप है कि बाद में उन्हें पता चला कि वह जमीन असल में किसी और की थी। उस दौरान उन्होंने एसीपी काकोरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार परेशान होकर उन्होंने डीसीपी पश्चिमी जितेंद्र श्रीवास्तव से गुहार लगाई। एसीपी काकोरी शकील अहमद ने बताया कि मामले में पारा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पुलिस पूरे प्रकरण की गहराई से छानबीन कर रही है।













