उप्र में अब एक दिन में रिकार्ड 1.65 लाख कोरोना नमूनों की जांच

लखनऊ। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रतिदिन होने वाली जांच के मामले में उत्तर प्रदेश ने फिर एक नया रिकार्ड बनाया है। राज्य में मंगलवार को अभी तक के सर्वाधिक 1,65,565 कोरोना नमूनों की जांच की गई।
अब तक 3.02 लाख मरीज हुइ स्वस्थ, रिकवरी दर बढ़कर हुई 81.88 प्रतिशत
अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने  बुधवार को बताया कि इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या अब 61,698 हो गई है। बीते चौबीस घंटे में संक्रमण के 5,234 नए मामले सामने आए, वहीं इसी दौरान 6,506 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए गए।
अब तक कुल 3,02,689 लोग इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होने के बाद घर भेजे जा चुके हैं। राज्य में संक्रमण के बाद कुल मौतों की संख्या 5,299 पहुंच गई है। इनमें बीते चौबीस घंटे में 87 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य में मरीजों के ठीक होने की दर वर्तमान में और बढ़कर 81.88 प्रतिशत हो गई है।
अब तक कुल 89.92 लाख कोरोना नमूनों की हुई जांच
उन्होंने बताया कि राज्य की विभिन्न प्रयोगशालाओं में कोरोना नमूनों की जांच में लगातार इजाफा किया जा रहा है। इसकी बदौलत अब तक कुल 89,92,424 कोरोना नमूनों की जांच की जा चुकी है।
2,916 पूल के जरिए 16,600 नमूनों की हुई जांच
उन्होंने बताया कि मंगलवार को 2,916 पूल के जरिए 16,600 नमूनों की जांच की गई। इनमें 2,512 पूल के जरिए प्रति पूल पांच-पांच नमूनों की जांच की गई, जिसमें 331 पूल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वहीं 404 पूल के जरिए प्रति पूल दस-दस नमूनों की जांच की गई, जिसमें 25 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
31,791 मरीजों का होम आइसोलेशन में चल रहा इलाज
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल सक्रिय मरीजों में से 31,791 लोग होम आइसोलेशन यानि घर पर रहकर इलाज की सुविधा का लाभ ले रहे हैं। वहीं 3,517 लोग निजी अस्पतालों और 196 लोग होटल में एल-1 प्लस की सेमिपेड फैसिलिटी सुविधा के तहत अपना इलाज करा रहे हैं। इनके अलावा शेष राज्य सरकार की एल-1, एल-2 व एल-3 की व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं।
12.26 करोड़ लोगों के बीच पहुंची स्वास्थ्य टीमें
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच पहुंचकर सर्वेश्रण कर रही हैं। अभी तक 1,17,556 इलाकों में 3,75,885 टीमों ने 2,46,96,323 करोड़ घरों का सर्वेक्षण किया है। इसके तहत 12,26,70,811 करोड़ से अधिक लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई है।
7,180 बच्चों ने एक दिन में सरकारी अस्पतालों में लिया जन्म
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि राज्य में कोविड के साथ नॉन कोविड केयर पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में प्रसव की सुविधाएं पहले की तरह मुहैया करायी जा रही हैं। 21 सितम्बर को प्रदेश में 7,180 शिशुओं ने सरकारी अस्पतालों में जन्म लिया। इनमें 6,975 नॉर्मल डिलीवरी और 205 सिजेरियन प्रसव हुए।
कोविड हेल्प डेस्क से 7.76 लाख लक्षणात्मक लोगों की हुई पहचान 
प्रदेश में कुल 64,507 ‘कोविड हेल्प डेस्क’ की स्थापना की जा चुकी है। इनके जरिए 7,76,327 लक्षणात्मक लोगों की पहचान की गई। इनमें ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर उपलब्ध हैं। इन सभी इकाइयों में सैनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता की गई है।
ई-संजीवनी का अब तक 92,928 लोगों ने उठाया लाभ
इसके साथ ही ई-संजीवनी पोर्टल का प्रदेश के लोग लगातार इस्तमाल कर रहे हैं, इस पोर्टल से घर बैठे डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। मंगलवार को 2,380 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। अब तक कुल 92,928 लोग इस पोर्टल के जरिए चिकित्सीय लाभ ले चुके हैं।
बुजुर्गों में पहले की अपेक्षा संक्रमण में इजाफा
अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि वहीं संक्रमण के कुल मामलों में 0-20 आयु वर्ग के 13.85 प्रतिशत, 21-40 आयु वर्ग के 48.16 प्रतिशत और 41-60 आयु वर्ग के 28.88 प्रतिशत और 60 से अधिक आयु के 9.11 प्रतिशत लोग संक्रमित हुए हैं। इस आयु वर्ग वाले लोगों में पहले संक्रमण का प्रतिशत कम था। लेकिन, अब बुजुर्गों में इसकी दर बढ़ी है। इसलिए इनका ध्यान रखने की जरूरत है। वहीं संक्रमण के कुल मामलों में पुरुषों का 68.46 प्रतिशत और महिलाओं का 31.53 प्रतिशत है।
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